
नई दिल्ली: संसद के चालू शीतकालीन सत्र में बुधवार का दिन कई वजहों से सुर्खियों में रहा. जहां एक ओर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी का ‘भौं-भौं’ वाला बयान चर्चा का विषय बना, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के एक अन्य सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राजधानी दिल्ली में बढ़ते जहरीले वायु प्रदूषण को लेकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया.
गैस मास्क पहनकर संसद परिसर में पहुंचे हुड्डा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके वायु प्रदूषण के विरुद्ध अपना विरोध जताने के लिए कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा बुधवार को गैस मास्क लगाकर संसद भवन परिसर में आए. उनके इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया.
जब पत्रकारों ने उनसे गैस मास्क पहनने की वजह पूछी, तो हुड्डा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा और दिल्ली के निवासी सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा अत्यंत आवश्यक है.
‘प्रदूषण अब जानलेवा स्तर पर पहुंच चुका है’
सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में वायु प्रदूषण की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “वायु प्रदूषण अब जानलेवा स्तर पर पहुंच चुका है. मैंने इस मसले पर कार्य स्थगन प्रस्ताव दाखिल किया है. देश के समस्त मुख्यमंत्रियों को एक मंच पर बुलाकर वायु प्रदूषण से मुक्ति पाने के लिए एक व्यापक योजना राष्ट्र के समक्ष प्रस्तुत की जानी चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा, “हरियाणा और दिल्ली में लोगों के लिए सामान्य रूप से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. यह अब प्रतिवर्ष की समस्या बन चुकी है.”
‘फरवरी आते ही लोग भूल जाते हैं प्रदूषण को’
कांग्रेस सांसद ने एक महत्वपूर्ण बात की ओर इशारा करते हुए कहा कि नवंबर महीने के आगमन के साथ ही दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप ले लेती है. उस समय सभी इस पर चिंता व्यक्त करते हैं, परंतु फरवरी महीने तक आते-आते लोग इस समस्या को पूरी तरह भुला देते हैं.
हुड्डा ने जोर देकर कहा, “हमें इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से लेना होगा और इससे निपटने के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक कदम उठाने की आवश्यकता है.”
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 377 एक्यूआई पर
राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर घटने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार सुबह 6 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 377 के खतरनाक स्तर पर दर्ज किया गया. इस भयावह स्थिति के कारण लोगों को श्वास लेने में कठिनाई और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार
राजधानी के अनेक क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक सीमा को भी पार कर गया है. आनंद विहार, बवाना, चांदनी चौक, जहांगीरपुरी, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और नेहरू नगर जैसे इलाकों में एक्यूआई का स्तर 400 के पार पहुंच गया है, जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है.
यह स्थिति राजधानी के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है और तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग करती है.





