अरुणाचल प्रदेश में चीन की 60 किमी घुसपैठ का दावा फर्जी, वायरल वीडियो का सच आया सामने

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर तक घुस गई है और भारतीय जमीन पर कब्जा कर रही है। यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया है।
वायरल वीडियो में कुछ सैनिक आमने-सामने खड़े होकर बहस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स इसे अरुणाचल प्रदेश का बताकर चीन की घुसपैठ का दावा कर रहे हैं।

न्यूजमोबाइल की जांच में सामने आया सच
न्यूजमोबाइल ने वायरल वीडियो की जांच की तो दावा झूठा निकला। वीडियो में मौजूद लोगों की बातचीत ध्यान से सुनने पर पता चला कि वे बंगाली भाषा में बात कर रहे हैं। इससे वीडियो के अरुणाचल प्रदेश से जुड़े होने के दावे पर सवाल खड़े हुए। वीडियो के अलग-अलग हिस्सों के स्क्रीनशॉट की रिवर्स इमेज सर्च करने पर इसका असली स्रोत सामने आया। यही वीडियो बांग्लादेशी न्यूज चैनल यमुना टीवी ने 20 जून को फेसबुक पर पोस्ट किया था।
यमुना टीवी के मुताबिक, वीडियो बांग्लादेश के चापाईनवाबगंज बॉर्डर का है। यहां भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवान आमने-सामने आ गए थे।
वीडियो की तुलना करने पर कई समानताएं भी मिलीं। वायरल वीडियो में गुलाबी रंग की शर्ट पहने दिख रहा व्यक्ति यमुना टीवी के वीडियो में भी नजर आता है। इसी तरह हाथ में डंडा लिए एक व्यक्ति भी दोनों वीडियो में देखा जा सकता है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर हुआ था विवाद
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 लोग भारत से बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने रोक दिया, जिसके बाद BSF और BGB के जवानों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव के बीच हुई थी। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर अवैध प्रवासियों से अपने देश लौटने की अपील की थी। इसके बाद सीमा के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। बांग्लादेश ने भी लोगों को वापस जाने से रोकने की कोशिश की थी।
इस पूरी जांच के आधार पर साफ है कि वायरल वीडियो का अरुणाचल प्रदेश या चीन की सेना से कोई संबंध नहीं है। चीन के 60 किलोमीटर अंदर घुसने और भारतीय क्षेत्र पर कब्जे का दावा फर्जी है।





