गैस कनेक्शन के नाम पर APK फाइल डाउनलोड करवाना पड़ा महंगा, चंडीगढ़ के बुजुर्ग से उड़ाए 8 लाख रुपये
PNG कनेक्शन के KYC अपडेट के नाम पर शातिर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपना शिकार बनाया। मोबाइल में एक अनजान ऐप इंस्टॉल करते ही खाते से करीब 8 लाख रुपये गायब हो गए।

चंडीगढ़ में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 69 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को गैस कनेक्शन का केवाईसी अपडेट कराना भारी पड़ गया। ठगों ने झांसा देकर उनके बैंक खातों से करीब 8 लाख रुपये उड़ा लिए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित बुजुर्ग ने करीब तीन महीने पहले पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। मंगलवार की सुबह उनके पास एक फोन आया। कॉलर ने खुद को अडानी गैस (Adani Gas) कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि गैस कनेक्शन चालू करने से पहले कंपनी के रिकॉर्ड में बैंक खाते को लिंक करना जरूरी है।
10 रुपये के चक्कर में हुआ बड़ा खेल
सत्यापन (Verification) प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर कॉलर ने बुजुर्ग से ऑनलाइन 10 रुपये का मामूली शुल्क चुकाने को कहा। इसके बाद उनके व्हाट्सएप पर “Adani Gas Bill Update” नाम से एक APK फाइल भेजी गई और उसे इंस्टॉल करने को कहा गया। बुजुर्ग ने कंपनी की प्रक्रिया समझकर उस ऐप को डाउनलोड कर लिया और जरूरी अनुमतियां (Permissions) दे दीं।
इसके बाद ठग ने उनसे डेबिट कार्ड नंबर और अन्य बैंकिंग डिटेल्स ले लीं। जब एक बैंक खाते से 10 रुपये का भुगतान विफल हो गया, तो ठग ने दूसरे खाते से प्रयास करने को कहा।
रिमोट एक्सेस से साफ किए खाते
ऐप इंस्टॉल होने के कुछ ही देर बाद बुजुर्ग का फोन अजीब तरीके से काम करने लगा। फोन बार-बार रीस्टार्ट होने और फ्रीज होने लगा। जब तक बुजुर्ग कुछ समझ पाते, तब तक साइबर अपराधियों ने उस मैलवेयर ऐप के जरिए उनके फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया था। ठगों ने एचडीएफसी बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों से कुल 7,94,000 रुपये निकाल लिए।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
घटना की शिकायत मिलने के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 17 साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान (सतर्कता ही बचाव है)
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अनजान कॉल्स से बचें: कभी भी किसी अनजान कॉलर के कहने पर तुरंत केवाईसी अपडेट न करें।
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APK फाइलें न करें डाउनलोड: व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए आई किसी भी अज्ञात APK फाइल को कभी इंस्टॉल न करें। ऑफिशियल ऐप्स हमेशा गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
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बैंक विवरण साझा न करें: फोन पर किसी के साथ अपना एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक डिटेल शेयर न करें।
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साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें: यदि अनजान ऐप डाउनलोड करने के बाद फोन में गड़बड़ी लगे, तो तुरंत इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें। अपने बैंक को सूचित कर खाते को ब्लॉक कराएं और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।





