Fraud and Scam

डीपफेक का जाल! वित्त मंत्री के फर्जी वीडियो से कारोबारी से ठगे 1.07 करोड़ रुपये

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में एक 56 वर्षीय कारोबारी डीपफेक वीडियो के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फर्जी वीडियो बनाकर निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया और कारोबारी से 1.07 करोड़ रुपये ठग लिए।

पुलिस के अनुसार, ठगी की शुरुआत जून की शुरुआत में हुई। कारोबारी ने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसी दिखने वाली एक वीडियो के जरिए फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने और ज्यादा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। वीडियो पर भरोसा कर उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनसे एक व्यक्ति ने संपर्क किया और खुद को निवेश सलाहकार बताया।

इसके बाद कारोबारी से आधार कार्ड, अन्य जरूरी दस्तावेज और सत्यापन के लिए कैंसिल चेक मांगा गया। कुछ समय बाद टेलीग्राम पर एक अन्य व्यक्ति ने खुद को उनका रिलेशनशिप मैनेजर बताया और उन्हें एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया। शुरुआत में कारोबारी ने 20,341 रुपये का निवेश किया। ठगों ने उनका भरोसा जीतने के लिए ट्रेडिंग पोर्टल पर मुनाफा दिखाया और उनके बैंक खाते में 1,000 रुपये भी भेज दिए। इससे उन्हें लगा कि प्लेटफॉर्म असली है।

बाद में ठगों ने उन्हें एलन मस्क की कंपनी SpaceX के प्री-लिस्टिंग शेयर खरीदने का मौका देने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कंपनी के शेयर बाजार में आने के बाद भारी मुनाफा होगा। इस लालच में कारोबारी ने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी।

2 जून से 23 जुलाई के बीच उन्होंने 36 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1.07 करोड़ रुपये कई बैंक खातों में भेज दिए। इस दौरान फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर उनके निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती रही। इतना ही नहीं, ठगों ने उनका भरोसा बनाए रखने के लिए करीब 7 लाख रुपये निकालने भी दिए, जिसे उन्होंने दोबारा निवेश कर दिया।

आखिर में ट्रेडिंग पोर्टल पर उनका पोर्टफोलियो करीब 3.98 करोड़ रुपये का दिखाया गया। लेकिन जब उन्होंने यह रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। बाद में उनसे संपर्क पूरी तरह बंद हो गया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित ने पहले नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और फिर पुणे साइबर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। खासकर किसी नेता, सरकारी अधिकारी या सेलिब्रिटी के नाम और चेहरे का इस्तेमाल करने वाले वीडियो की अच्छी तरह जांच करें, क्योंकि साइबर अपराधी अब डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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