विदेश

कैप्टन पर चाकू से हमला, विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश; आरोपी को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने और विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश के आरोपी ओमानी को-पायलट हमाम अल्हम्मामी को लेकर जांच जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्हम्मामी को इससे पहले ओमान में सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते उड़ान भरने से रोक दिया गया था। अधिकारियों को उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर भी शक था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमाम अल्हम्मामी ओमान का नागरिक है। उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं। जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड, कथित चरमपंथी संपर्कों और 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुए हमले के पीछे की वजह की जांच कर रही हैं।

ओमान एयर ने उड़ान भरने से रोक दिया था

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्हम्मामी 2024 में ओमान एयर में को-पायलट ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसके पास कथित तौर पर कुछ चरमपंथी सामग्री मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया और प्रशासनिक काम में लगा दिया गया।

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्ट्स में भी कहा गया है कि अल्हम्मामी को पहले सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था और ओमान एयर ने उसे उड़ान से निलंबित किया था।

हालांकि, बाद में उसने दूसरी एयरलाइंस में काम किया। एक डिलीट किए गए LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उसने करीब 7 साल ओमान एयर में काम किया और फरवरी 2025 में कंपनी छोड़ी। इसके बाद जून 2025 में वह Royal Air Maroc से जुड़ा और जनवरी 2026 में वहां से चला गया। इसके बाद उसने फ्लाईदुबई जॉइन की।

सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच

जांच एजेंसियां अल्हम्मामी से जुड़े बताए जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के कुछ घंटों के भीतर उसके नाम से जुड़े एक डिलीट किए गए LinkedIn अकाउंट से दो पोस्ट की गई थीं।

एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स के कॉकपिट का वीडियो था। इसमें इजरायली एयरलाइन El Al का एक विमान भी दिखाई दे रहा था। वीडियो के अंत में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी और 2009 में अफगानिस्तान में आत्मघाती हमला करने वाले हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई देने की बात कही गई है।

दूसरी पोस्ट में मक्का, मदीना और यरुशलम को दिखाने वाली एक AI-जनरेटेड तस्वीर और एक कविता थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें अपमान को स्वीकार न करने, मौत का सामना करने और सम्मान की रक्षा करने जैसी बातें कही गई थीं।

हालांकि, इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के वास्तव में अल्हम्मामी से जुड़े होने और इन पोस्ट के सही संदर्भ की अभी जांच की जा रही है।

क्या विमान को क्रैश करने की थी योजना?

कुछ रिपोर्ट्स में आशंका जताई गई है कि अल्हम्मामी विमान को इजरायल में क्रैश करने की कोशिश कर सकता था। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक उसके मकसद की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

यूएई, सऊदी अरब और इजरायल समेत संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। यूएई ने यह पता लगाने के लिए भी जांच शुरू की है कि क्या यह घटना किसी आतंकी गतिविधि से जुड़ी थी।

सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया, जिसमें दोनों पायलट घायल हुए। बाद में सऊदी अरब ने आरोपी को यूएई को सौंप दिया।

फ्लाइट में आखिर क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में यात्रियों और क्रू समेत 174 लोग सवार थे। 30 सितंबर को कॉकपिट में कैप्टन और को-पायलट के बीच विवाद के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान करीब 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे आ गया। इसी दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया गया और वह घायल हो गए।

घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद कुछ यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद यात्री यानिव हायून ने भी आरोपी को पकड़ने में मदद की। एक डेंटिस्ट ने घायल कैप्टन को प्राथमिक चिकित्सा दी।

विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य पायलटों ने बाद में विमान का कंट्रोल संभाला। फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां विमान सुरक्षित उतरा। इसके बाद कैप्टन मच्छर को इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

पीएम मोदी से बात करते हुए कैप्टन ने सुनाई आपबीती

इलाज के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने बताया कि हमले के बाद उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया, ताकि विमान में मौजूद बाकी लोगों की जान बचाई जा सके।

घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर पायलटों की पृष्ठभूमि की जांच और संभावित अंदरूनी सुरक्षा खतरे को लेकर चर्चा तेज हुई है।

फिलहाल अल्हम्मामी की पृष्ठभूमि, उसके कथित चरमपंथी संपर्कों और फ्लाइट में हुए हमले के पीछे के मकसद की जांच जारी है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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