BRICS Summit 2026: दिल्ली में जुटे ग्लोबल लीडर्स, जयशंकर ने दिया आर्थिक सहयोग बढ़ाने का संदेश

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit को लेकर हलचल तेज है। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और राजधानी में दुनिया के कई बड़े नेता पहुंच रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य देशों के नेता भी लगातार भारत आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को कई अहम द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ मुलाकात शामिल है। मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक दोपहर करीब 3:30 बजे होने की उम्मीद है।
BRICS Business Forum में जयशंकर का बड़ा संदेश
BRICS Business Forum शुक्रवार को नई दिल्ली में शुरू हो गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ज्यादा आर्थिक गतिविधि और आर्थिक सुरक्षा का मतलब ज्यादा आत्मनिर्भरता है।
उन्होंने कहा कि BRICS देशों के कारोबारियों के लिए नए साझेदारों और बाजारों तक पहुंच आसान बनाना, सप्लाई नेटवर्क को जोड़ना और व्यावसायिक सहयोग बढ़ाना जरूरी है। जयशंकर ने BRICS के अगले चरण के लिए स्पष्ट कारोबारी नजरिए की जरूरत पर भी जोर दिया।
भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत Innovation और Entrepreneurial Ecosystem को मजबूत करने पर भी फोकस किया जा रहा है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, FinTech और Advanced Manufacturing को इसमें अहम अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
रूस ने भारत की BRICS अध्यक्षता की तारीफ की
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने BRICS की भारतीय अध्यक्षता की तारीफ करते हुए इसे सफल बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने इस दौरान मंत्री स्तर पर सैकड़ों बैठकें आयोजित कीं और कई पुराने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया।
अलीपोव के मुताबिक भारत ने Smart Grids, Energy Storage, Startup Innovation Hub, Incubator Network और Logistics Supply Chain Framework जैसी नई पहल भी प्रस्तावित की हैं।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, 500 से ज्यादा CCTV कैमरे
BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजधानी में करीब 15,000 दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां और 500 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
VVIP रूट और प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन गतिविधि, VVIP रूट में घुसपैठ और संभावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी अलर्ट किया गया है।
दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में तिब्बती समुदाय के लोगों ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा के विरोध में प्रतीकात्मक मार्च भी निकाला।
दिल्ली में 6 घंटे से ज्यादा ट्रैफिक प्रभावित
BRICS Summit के कारण शुक्रवार को दिल्ली में दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक कई इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे।
सरदार पटेल मार्ग, मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड और एपीजे अब्दुल कलाम रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से यात्रा की पहले से योजना बनाने और संभव हो तो Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हालांकि दिल्ली Metro सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
13 सितंबर को सुबह 6 बजे से चलेगी Metro
BRICS Summit के दौरान यात्रियों और छात्रों की सुविधा के लिए दिल्ली Metro Rail Corporation ने 13 सितंबर को सभी लाइनों पर सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू करने का फैसला किया है।
DMRC ने यात्रियों और परीक्षा देने वाले छात्रों से अपनी यात्रा पहले से प्लान करने की अपील की है।
दिल्ली में स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद
BRICS Summit की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए शुक्रवार, 11 सितंबर को दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल बंद हैं।
केंद्र और दिल्ली सरकार के दफ्तर, स्वायत्त संस्थान और PSU भी शुक्रवार को बंद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट भी 11 सितंबर को बंद रहेगा।
हालांकि निजी कंपनियों के कार्यालयों को बंद रखने का कोई अनिवार्य निर्देश नहीं है।
BRICS Summit का मुख्य एजेंडा क्या है?
इस Summit में BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, Innovation, Sustainability और Inclusive Growth जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability पर जोर दे रहा है। साथ ही Global South की प्राथमिकताओं और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर भी फोकस है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही उम्मीद जता चुके हैं कि Summit में वैश्विक महत्व के मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
BRICS के बढ़ते दायरे और सदस्य देशों के अलग-अलग रणनीतिक हितों के बीच भारत के सामने आम सहमति बनाने की चुनौती भी है। ऐसे में नई दिल्ली में हो रहा यह Summit आर्थिक फैसलों के साथ-साथ वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





