ताज़ा खबरेंभारत

BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, 7 हजार जवान और 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात

नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम में होने वाले 18वें BRICS Summit के लिए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा से लेकर यातायात प्रबंधन तक व्यापक इंतजाम किए हैं।

राजधानी में करीब 7,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि VVIP काफिलों और शहर में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट से होटल और फिर समिट स्थल तक आने-जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया गया है।

भारत मंडपम के आसपास 5 किलोमीटर का सुरक्षा घेरा

भारत मंडपम के आसपास करीब 5 किलोमीटर के दायरे में मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। बाहरी सुरक्षा में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी, जबकि आयोजन स्थल के अंदर और आसपास NSG समेत विशेष सुरक्षा एजेंसियां जिम्मेदारी संभालेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ समिट स्थल तक सीमित नहीं रहेगी। विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले करीब 10 प्रमुख होटलों, एयरपोर्ट से होटल और होटल से भारत मंडपम तक के VVIP रूट पर भी लगातार निगरानी रखी जाएगी।

CCTV से लेकर ड्रोन निगरानी तक

भारत मंडपम में प्रवेश केवल अधिकृत लोगों को ही मिलेगा। इसके लिए पास की जांच, CCTV, तकनीकी निगरानी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।

समिट शुरू होने से पहले भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में एंटी-सबोटाज जांच भी की जाएगी। Bomb Detection and Disposal Squad की टीमें अलर्ट पर रहेंगी। इसके अलावा आसमान से निगरानी के लिए ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं पर भी नजर रखी जाएगी।

VVIP काफिलों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि सुरक्षा और ट्रैफिक एजेंसियां रियल टाइम में उनकी स्थिति की निगरानी कर सकें।

35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित

BRICS Summit के दौरान VVIP मूवमेंट का असर दिल्ली के ट्रैफिक पर भी पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया है, जहां जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। इसके लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट भी तय किए गए हैं।

इनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तिलक मार्ग, मथुरा रोड, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, नीति मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं।

VVIP काफिले के गुजरने के बाद ट्रैफिक को जल्द से जल्द सामान्य करने की कोशिश की जाएगी।

एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए सलाह

समिट के दौरान एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को घर से पर्याप्त समय पहले निकलने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक डायवर्जन के कारण सफर में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को जहां संभव हो, Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी अपना रूट पहले से जांचने को कहा गया है।

स्कूल और सरकारी दफ्तर 11 सितंबर को बंद

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली में 11 सितंबर को सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। दिल्ली और केंद्र सरकार के कार्यालय भी इस दिन बंद रहेंगे। निजी कंपनियों को संभव होने पर कर्मचारियों को Work From Home की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

इमरजेंसी सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

ट्रैफिक प्रतिबंधों के बीच एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही को प्राथमिकता दी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में इन वाहनों के लिए रास्ता खाली कराने की व्यवस्था की गई है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 11 से 13 सितंबर के बीच नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचें और घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर जांचें। जहां संभव हो, निजी वाहन के बजाय Metro का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

BRICS Summit के दौरान दिल्ली में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारियां कई स्तरों पर की गई हैं, ताकि विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों की आवाजाही के साथ आम लोगों के लिए भी यातायात को यथासंभव सुचारू रखा जा सके।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button