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BRICS Summit 2026: कमल में ‘नमस्ते’, जानें क्या है भारत के BRICS लोगो का मतलब

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 का आयोजन हो रहा है। समिट के बीच भारत का BRICS लोगो भी खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रंग-बिरंगे कमल के आकार वाले इस लोगो के बीच ‘नमस्ते’ की आकृति दिखाई देती है। यह डिजाइन भारतीय परंपरा, आधुनिकता और BRICS देशों की एकजुटता को दर्शाता है।

भारत के BRICS लोगो को एक सार्वजनिक डिजाइन प्रतियोगिता के जरिए चुना गया था। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 13 जनवरी 2026 को इस लोगो का अनावरण किया था।

क्या है BRICS India लोगो का मतलब?

भारत के BRICS लोगो में इस्तेमाल किए गए हर तत्व का अपना खास अर्थ है। डिजाइन के जरिए भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ BRICS समूह की सामूहिक ताकत और सहयोग को दिखाने की कोशिश की गई है।

बीच में ‘नमस्ते’ का संकेत

लोगो के केंद्र में पारंपरिक भारतीय ‘नमस्ते’ की आकृति बनाई गई है। यह भारत की गर्मजोशी, सम्मान, आतिथ्य और समावेशी भावना का प्रतीक है।

इसके जरिए अलग-अलग देशों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग का संदेश दिया गया है।

कमल भारत की पहचान का प्रतीक

लोगो का मुख्य डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है। कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है और इसे मजबूती, संतुलन और सामंजस्य से जोड़ा जाता है।

कमल को लोगो में शामिल करके भारत की पारंपरिक पहचान को BRICS की आधुनिक वैश्विक भूमिका के साथ जोड़ा गया है।

रंग-बिरंगी पंखुड़ियां क्या बताती हैं?

लोगो में कमल के चारों ओर अलग-अलग रंगों की पंखुड़ियां दिखाई देती हैं। ये रंग BRICS के सदस्य देशों की विविधता को दर्शाते हैं।

इन पंखुड़ियों के जरिए समानता, विविधता, एकता और समूह की सामूहिक ताकत का संदेश दिया गया है।

लोगो में भारत की परंपरा और आधुनिकता का मेल

BRICS India लोगो का डिजाइन भारतीय संस्कृति को आधुनिक वैश्विक कूटनीति के साथ जोड़ता है। ‘नमस्ते’ जहां भारत की पारंपरिक पहचान और आतिथ्य को दिखाता है, वहीं कमल की आकृति मजबूती और सामंजस्य का संदेश देती है।

पूरे डिजाइन का उद्देश्य BRICS देशों के बीच सहयोग, सतत विकास और वैश्विक सद्भाव की व्यापक भावना को सामने रखना है।

BRICS Summit में PM मोदी की अहम बैठकें

BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई विदेशी नेता नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।

पीएम मोदी शुक्रवार को पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अलावा उनकी संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ भी मुलाकात प्रस्तावित है।

सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम

BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवानों के अलावा अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं।

महत्वपूर्ण स्थानों और विदेशी नेताओं के ठहरने वाले होटलों के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं। भारत मंडपम समेत कई संवेदनशील स्थानों और VVIP रूट पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।

BRICS Summit 2026 के लोगो से लेकर सुरक्षा और शीर्ष नेताओं की बैठकों तक, भारत इस सम्मेलन के जरिए अपनी कूटनीतिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर सामने रख रहा है।

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