ब्रिक्स घोषणा पत्र में खेलों पर जोर, अहमदाबाद में अक्टूबर में होंगे ब्रिक्स गेम्स

नई दिल्ली: नई दिल्ली में जारी ब्रिक्स घोषणा पत्र 2026 में खेलों को सामाजिक विकास, लोगों के बीच संपर्क और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का अहम जरिया बताया गया है। ब्रिक्स देशों ने पारंपरिक, स्वदेशी, हाई-परफॉर्मेंस और गैर-ओलंपिक खेलों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।
घोषणा पत्र में ब्रिक्स स्पोर्ट्स वर्किंग ग्रुप के काम और शारीरिक संस्कृति एवं खेलों में सहयोग से जुड़े समझौता ज्ञापन के अमल का स्वागत किया गया। साथ ही, ब्रिक्स गेम्स को सदस्य देशों की खेल विविधता को सामने लाने वाले मंच के तौर पर मान्यता दी गई है।
ब्रिक्स देशों ने युवाओं और छात्रों की लोकप्रिय, राष्ट्रीय, पारंपरिक और स्वदेशी खेलों में भागीदारी बढ़ाने की भी अपील की है। इससे युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद मिलेगी।
अहमदाबाद में होंगे ब्रिक्स गेम्स
घोषणा पत्र के मुताबिक, ब्रिक्स गेम्स 12 और 13 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में आयोजित करने का प्रस्ताव है। इन खेलों का मुख्य फोकस पारंपरिक और स्वदेशी खेलों की विरासत को दिखाने और संरक्षित करने पर रहेगा।
इसके साथ ही ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने की कोशिश होगी। खेलों में भागीदारी के दौरान सांस्कृतिक संवेदनशीलता, आपसी सम्मान और सभी को शामिल करने के सिद्धांतों का ध्यान रखने की बात कही गई है।
स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी में सहयोग पर जोर
ब्रिक्स घोषणा पत्र में खेलों में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है। सदस्य देश अपनी तकनीकी जानकारी, रिसर्च, संस्थागत अनुभव और बेहतर तरीकों को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे।
घोषणा पत्र में माना गया है कि तकनीक खेल प्रदर्शन बेहतर करने, खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा, खेल प्रशासन और सभी की भागीदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके लिए ब्रिक्स स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी वर्किंग ग्रुप बनाने की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है।
उदयपुर में स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव
भारत की ओर से प्रस्तावित ब्रिक्स स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव को भी व्यापक समर्थन मिला है। इसका पहला संस्करण नवंबर 2026 में राजस्थान के उदयपुर में आयोजित करने का प्रस्ताव है।
इस कॉन्क्लेव में खेल सामान बनाने वाली कंपनियों, निर्यातकों, निवेशकों, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स, छोटे और मध्यम कारोबारियों, स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को एक मंच पर लाने की योजना है।
इसका उद्देश्य नई तकनीक और इनोवेशन को साझा करना, खेल सामान की गुणवत्ता के मानकों को बेहतर बनाना, ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ाना और मजबूत व टिकाऊ स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन तैयार करना है।
इसके अलावा, ब्रिक्स देशों के बीच स्पोर्ट्स कोऑपरेशन फ्रेमवर्क को लेकर बातचीत का भी स्वागत किया गया है। इस प्रस्ताव पर सदस्य देश आगे आपसी चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे।





