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बिहार में बाढ़ का कहर, गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, 10.26 लाख लोग प्रभावित

बिहार में भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। राज्य के 11 जिलों में लगभग 10.26 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर अपने पिछले रिकॉर्ड को पार करते हुए खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

पटना में गंगा नदी का उग्र रूप और रिकॉर्ड स्तर

जल संसाधन विभाग के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो कि उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर है। इससे पहले 21 अगस्त 2016 को उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था। इसके अलावा पंडारक में भी गंगा ने 2021 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जलस्तर अभी और बढ़ सकता है।

11 जिलों में तबाही और उफनती नदियां

राज्य के 50 ब्लॉक और 201 ग्राम पंचायतें बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया जिले इसकी चपेट में हैं। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा जैसी कई प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राहत और बचाव कार्य तेज

सरकार और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए 27 SDRF और 7 NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, निकासी और राहत कार्यों के लिए 858 नावें चलाई जा रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित लोगों के लिए 38 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं और राहत सामग्री बांटी जा रही है।

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