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सरकारी नौकरी का झांसा देकर 60 युवाओं से 93 लाख की ठगी, आंध्र प्रदेश CID ने शातिर ठग को दबोचा

Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये ठगने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राज्य की सीआईडी (CID) की साइबर क्राइम पुलिस ने स्वास्थ्य मंत्रालय के फर्जी दस्तावेजों के सहारे रैकेट चलाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

फर्जी स्वास्थ्य मंत्रालय के नाम पर ठगी

आंध्र प्रदेश सीआईडी के मुताबिक, आरोपी गोपाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के नाम पर फर्जी सरकारी भर्ती विज्ञापनों का जाल फैलाया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने लगभग 60 बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया और उनसे कुल 93 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी के खिलाफ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पहले से ही लगभग 16 मामले दर्ज हैं।

ऐसे देता था शातिर ठग वारिस को अंजाम

आरोपी गोपाल बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। उसने साल 2021 में एक अखबार में फर्जी विज्ञापन छपवाया था।इसके बाद फर्जी ईमेल आईडी के जरिए आवेदन मंगाए गए।

विश्वास जीतने के लिए उसने भारतीय राष्ट्रीय प्रतीक (Government Emblem), स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल हेल्थ मिशन के फर्जी लेटरहेड, इंटरव्यू लेटर और ज्वॉइनिंग ऑर्डर तैयार किए। पीड़ित जब मंगलमगिरी स्थित एपीआईआईसी (APIIC) बिल्डिंग पहुंचते थे, तो उन्हें असली दस्तावेज लगते थे। खुद को बड़ा अधिकारी दिखाने के लिए वह रेंट पर लग्जरी कारें इस्तेमाल करता था।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सीआईडी ने तकनीकी सुराग और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी को विजयवाड़ा से दबोच लिया। उसके पास से स्मार्टफोन, लैपटॉप, फर्जी नियुक्ति पत्र, 8 एटीएम कार्ड और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ठगी के पैसों को रियल एस्टेट में कहां-कहां निवेश किया गया है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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