ईरान-इस्राइल तनाव के बीच ईरान की NPT से हटने की तैयारी, परमाणु हथियारों को लेकर बढ़ी चिंता

ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते टकराव के बीच ईरान ने सोमवार को संकेत दिया कि वह परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि NPT (नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। ईरान की संसद इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर रही है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस ऐलान के साथ यह भी कहा कि उनका देश अब भी परमाणु हथियार विकसित करने के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की परमाणु गतिविधियां सिर्फ ऊर्जा और वैज्ञानिक शोध के लिए हैं और यह देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातुल्ला अली खामेनेई के आदेश के अनुसार है, जिन्होंने परमाणु हथियारों को गैर-इस्लामी बताया है।
हालांकि, ईरान के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। 1970 में लागू हुई NPT का उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक का इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। यदि ईरान इस संधि से बाहर होता है तो मध्य-पूर्व में एक नए परमाणु संकट की स्थिति बन सकती है।
इस बीच, ईरान और इस्राइल के बीच बीते तीन दिनों से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। इस्राइल ने सोमवार को उन इलाकों में रहने वाले नागरिकों को खाली करने की सलाह दी है जो ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों के पास हैं। इस्राइली अधिकारियों ने कहा है कि हमलों का सिलसिला अभी जारी रहेगा और उनके पास “लंबी लिस्ट” है। शुक्रवार को शुरू हुए इस टकराव में अब तक 224 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें कुछ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक भी शामिल हैं। ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई में कम से कम 24 इस्राइली नागरिक मारे गए हैं।
2015 के ईरान परमाणु समझौते के विफल हो जाने और अमेरिका के इससे हटने के बाद, ईरान ने अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता बढ़ा दी है। हालांकि, ईरान बार-बार कहता रहा है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का कहना है कि ईरान के पास अब इतना संवर्धित यूरेनियम है कि वह कई परमाणु हथियार बना सकता है, अगर वह चाहे तो।
ईरान का NPT से हटने पर विचार और इस्राइल के साथ जारी सैन्य संघर्ष आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में बड़ा संकट खड़ा कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान के अगले कदम और इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।





