आज़ादी का मतलब सिर्फ कुछ भी करना नहीं: NSA अजित डोभाल का युवाओं को कड़ा संदेश
पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने युवाओं को याद दिलाया कि आज़ादी के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने हाल ही में देश के युवाओं को एक अहम सीख दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आज़ादी का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है।
पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह के दौरान डोभाल ने कहा कि युवाओं को यह समझना चाहिए कि स्वतंत्रता अपने साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियां भी लाती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर तीखी राष्ट्रीय बहस छिड़ी हुई थी।
स्वतंत्रता और राष्ट्रहित में संतुलन जरूरी
समारोह को संबोधित करते हुए NSA ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यह मान सकती है कि भारत हमेशा से ऐसा ही था जैसा आज दिखता है। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि वे आज़ादी को केवल अपनी इच्छाओं को पूरा करने की खुली छूट न समझें।
डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का हमेशा राष्ट्रीय कर्तव्य और जिम्मेदारी के साथ तालमेल होना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करने की अपील की।
अमित शाह ने किया सम्मानित
यह कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लोक सेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अजित डोभाल को प्रतिष्ठित ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया।

गृह मंत्री अमित शाह ने डोभाल की लंबी सार्वजनिक सेवा की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी के हर राष्ट्रीय सुरक्षा के फैसले के पीछे डोभाल की सलाह और अहम भूमिका रही है।




