दिल्ली में AI संभालेगा ट्रैफिक, 42 कॉरिडोर पर बदलेंगे सिग्नल; जानें पूरी डिटेल

दिल्ली की सड़कों पर रोज लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने करीब ₹1,790 करोड़ के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को मंजूरी दी है। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ट्रैफिक को मैनेज करेगा। इसका मकसद ट्रैफिक का फ्लो बेहतर करना और जाम की समस्या को कम करना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर को आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इन इलाकों में एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। ये सिग्नल सड़क पर वाहनों की संख्या और ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से अपने ग्रीन टाइम को खुद एडजस्ट कर सकेंगे।
यानी अगर किसी दिशा में वाहनों की लंबी कतार लगती है तो सिस्टम उस तरफ ज्यादा समय तक ग्रीन सिग्नल दे सकेगा। इससे ट्रैफिक को ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एम्बुलेंस को मिलेगा रास्ता
नए सिस्टम में इमरजेंसी वाहनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। एम्बुलेंस के लिए सिग्नल को मैनेज कर ग्रीन कॉरिडोर बनाने में मदद मिलेगी, ताकि गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कम समय लगे।
ITMS के जरिए ट्रैफिक पुलिस को सड़क पर जाम और दूसरी घटनाओं की रियल टाइम जानकारी भी मिल सकेगी। यात्रियों को भी ट्रैफिक और पार्किंग से जुड़ी लाइव जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है।
कैमरों से ट्रैफिक नियमों पर भी नजर
इस सिस्टम में AI आधारित कैमरों और दूसरे तकनीकी सिस्टम का इस्तेमाल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए किया जाएगा। तेज रफ्तार और गलत दिशा में गाड़ी चलाने जैसे मामलों में ऑटोमेटेड कार्रवाई और ई-चालान की व्यवस्था भी सिस्टम का हिस्सा होगी।
इसके अलावा वाहनों की पहचान से जुड़े सिस्टम के जरिए चोरी के वाहनों और पुलिस के रिकॉर्ड में शामिल वाहनों को भी फ्लैग करने में मदद मिल सकती है।
तीन चरणों में लागू होगा प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक सिग्नल, कैमरे और कंट्रोल सिस्टम को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। दिल्ली में पहले से मौजूद ट्रैफिक मैनेजमेंट तकनीकों को भी इस नए सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करने की योजना है।
इस प्रोजेक्ट से दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ-साथ इमरजेंसी रिस्पॉन्स और ट्रैफिक नियमों के पालन की निगरानी को भी बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।





