मकर संक्रांति पर प्रयागराज और हरिद्वार में श्रद्धालुओं का सैलाब, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रयागराज/हरिद्वार, 14 जनवरी 2026 – मकर संक्रांति और माघ एकादशी के शुभ संयोग पर बुधवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर आस्था की अद्भुत लहर देखने को मिली. प्रयागराज के संगम घाट और हरिद्वार की प्रसिद्ध हर की पौड़ी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया.
देश के विभिन्न कोनों से पहुंचे लाखों भक्तों ने पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित किया. संगम तट पर गंगा-यमुना-सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने वालों की संख्या प्रातःकाल से ही लगातार बढ़ती रही. इसी तरह हरिद्वार में भी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी.
प्रधानमंत्री का संदेश
इस पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से देशवासियों को बधाई संदेश दिया. अपने संदेश में उन्होंने कहा, “संक्रांति के इस पावन अवसर को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है. मैं सूर्यदेव से सबके सुख-सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं.”
पीएम मोदी ने अपने संदेश में संस्कृत श्लोक भी साझा किया – “सूर्यो देवो दिवं गच्छेत् मकरस्थो रविः प्रभुः. उत्तरायणे महापुण्यं सर्वपापप्रणाशनम्॥”
संक्रांति के इस पावन अवसर को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है। मैं सूर्यदेव से सबके सुख-सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।
सूर्यो देवो दिवं गच्छेत् मकरस्थो रविः प्रभुः।
उत्तरायणे महापुण्यं सर्वपापप्रणाशनम्॥ pic.twitter.com/zxGY8H5ZvP
— Narendra Modi (@narendramodi) January 14, 2026
धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म शास्त्रों में मकर संक्रांति और माघ एकादशी के संयोग को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त पापों का विनाश होता है तथा मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही उत्तरायण काल का आरंभ होता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है.
सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते हुए प्रशासन ने दोनों स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है. घाटों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है.
यातायात प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष मार्ग परिवर्तन योजना लागू की है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो.




