
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को खो नागोरियान क्षेत्र में स्थित एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए धमाके में एक बच्चे समेत कम से कम आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने तत्काल प्रभाव से 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित (Suspend) कर दिया है।
निलंबित होने वालों में खो नागोरियान पुलिस थाने के एसएचओ (SHO) ओमप्रकाश मटवा, हेड कांस्टेबल अशोक, तथा कांस्टेबल रामावतार, दिनेश, आसिफ, हरेंद्र और अशोक शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद डीसीपी (पूर्व) रंजीता शर्मा ने एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पू राम को भी निलंबित कर दिया था।
जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) अजय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही, शहर भर में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे सभी संदिग्ध जगहों की जांच करें और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
आरोपियों की तलाश जारी
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री संचालक फिरोज ने दिल्ली से विस्फोटक सामग्री मंगाई थी। पुलिस अब फरार संचालक फिरोज और इमारत के मालिक याकूब की तलाश में दिल्ली और फर्रुखाबाद में छापेमारी कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि बिजली कनेक्शन का उपयोग अवैध रूप से फैक्ट्री संचालन के लिए किया जा रहा था।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। जन सुरक्षा जयपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।





