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1 सितंबर से बदल गए 5 बड़े नियम, गैस सिलेंडर से लेकर अमेरिकी वीजा तक जानिए क्या बदला

सितंबर की शुरुआत के साथ कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर आम लोगों की जेब, कारोबार, हवाई यात्रा और विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों पर पड़ सकता है। कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हो गया है, हवाई ईंधन की कीमत बढ़ गई है और विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर एक प्रक्रिया आसान कर दी गई है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है, जबकि अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छात्रों के वीजा नियम भी बदलने जा रहे हैं। आइए जानते हैं 1 सितंबर से क्या-क्या बदला है।

1. कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा

तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में ₹9.50 की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ी हुई कीमत 1 सितंबर से लागू हो गई है।

दिल्ली में अब 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ₹2,738 हो गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे कारोबारों पर पड़ सकता है, जहां बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल होता है।

हालांकि, घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इससे पहले जुलाई और अगस्त में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में लगातार दो बार कटौती की गई थी।

2. हवाई सफर भी हो सकता है महंगा

हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत भी बढ़ गई है।

घरेलू एयरलाइंस के लिए इसकी कीमत में ₹6.28 प्रति लीटर यानी 5.46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹121.26 प्रति लीटर हो गई है।

ईंधन की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस का खर्च बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में इसका असर हवाई टिकट की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

3. विदेश जाने वालों को अब बोर्डिंग पास पर स्टैंप नहीं लगेगा

विदेश यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए एक प्रक्रिया आसान कर दी गई है। अब इमिग्रेशन के दौरान बोर्डिंग पास पर स्टैंप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

यात्री इमिग्रेशन क्लीयरेंस के समय अपना ई-बोर्डिंग पास या प्रिंट किया हुआ बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे।

इससे एयरपोर्ट पर विदेश जाने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान और तेज होने की उम्मीद है।

4. इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए नए नियम

इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए भी 1 सितंबर से नए नियम लागू हुए हैं।

सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत ऐसे वाहनों में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्शन मोटर और कुछ जरूरी हिस्सों का देश में ही निर्माण करना होगा, ताकि सरकारी सब्सिडी का लाभ मिल सके।

इस कदम का मकसद भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देना और दूसरे देशों से आने वाले जरूरी हिस्सों पर निर्भरता कम करना है।

5. अमेरिका में पढ़ने वाले छात्रों के लिए वीजा नियम बदलेंगे

अमेरिका में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 15 सितंबर से छात्रों और कुछ अन्य वीजा धारकों के अमेरिका में रहने की अवधि को तय समय से जोड़ने वाले नए नियम लागू होंगे।

नई व्यवस्था के तहत छात्रों को आम तौर पर अपने पढ़ाई के कार्यक्रम या प्रवेश अवधि के आधार पर रहने की अनुमति मिलेगी। यह अवधि अधिकतम चार साल तक हो सकती है।

अगर किसी छात्र को पढ़ाई पूरी करने के लिए ज्यादा समय चाहिए, तो उसे अलग से अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करना होगा।

पहले ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था के तहत छात्र अपनी पढ़ाई पूरी होने तक अमेरिका में रह सकते थे, बशर्ते वे अपने वीजा नियमों का पालन कर रहे हों।

आपकी जेब और सफर पर क्या पड़ेगा असर?

इन बदलावों में कुछ सीधे आम लोगों से जुड़े हैं। कमर्शियल गैस और हवाई ईंधन महंगा होने से कारोबार और हवाई यात्रा का खर्च बढ़ सकता है। वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों को बोर्डिंग पास पर स्टैंप की जरूरत खत्म होने से राहत मिलेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों के नए नियम देश में इनके निर्माण को बढ़ावा देने की कोशिश हैं। दूसरी ओर, अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को नए वीजा नियमों के तहत अपनी पढ़ाई और रहने की अवधि को लेकर ज्यादा सावधान रहना होगा।

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