हरियाणा में दो बार से ज्यादा नहीं बनी किसी पार्टी की सरकार, पिछली दो बार से बीजेपी ने किया राज, क्या अब पलटेगी सत्ता या फिर बनेगा नया इतिहास?

हरियाणा में दो बार से ज्यादा नहीं बनी किसी पार्टी की सरकार, पिछली दो बार से बीजेपी ने किया राज, क्या अब पलटेगी सत्ता या फिर बनेगा नया इतिहास?
हरियाणा की जनता व राजनेताओं के लिए कल यानी मंगलवार का दिन काफी अहम होने वाला है, क्योंकि कल 15वीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों के नतीजे घोषित हो जाएंगे। हालांकि राज्य में मतदान के बाद आए एग्जिट पोल ने कांग्रेस को पूर्ण बहुमत दिया है। वहीं बीजेपी को झटका लगने का अनुमान जताया गया है।
चुनाव की वोटों की गिनती कल यानी मंगलवार को सुबह आठ बजे से की जाएगी। इससे पहले जानते हैं प्रदेश के 58 सालों में राजनीतिक दलों की सरकारों का इतिहास। गौरतलब है कि प्रदेश में आज तक लगातार तीसरी बार किसी दल की सरकार नहीं बन पाई है। 1972 में चौधरी बंसी लाल, 2009 में भूपेंद्र हुड्डा और 2019 में मनोहर लाल ऐसे मुख्यमंत्री रहे, जिनके कामों पर मुहर लगाते हुए जनता ने लगातार दूसरी बार उनकी सरकार बनवाई।
प्रदेश के 58 साल के इतिहास में दो साल ही केंद्र व प्रदेश में अलग-अलग दल की सरकारें रही हैं। 56 साल दोनों जगह एक ही दल की सरकार बनी। हरियाणा की जनता अब तक 13 में से 10 चुनावों में सरकार बदली है। पिछले दो बार से सरकार बन रही है भाजपा।
बता दें कि साल 2014 में भाजपा ने 33.2 % वोट लेकर 47 सीटें जीती थी वहीं 2019 में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़कर 36.49 प्रतिशत हो गया था, लेकिन सीटें 40 रह गईं। 2014 में 20.6 प्रतिशत वोट के साथ 15 सीटें जीतने वाली कांग्रेस 2019 में 28.08 प्रतिशत वोट लेकर 31 सीटें जीत गई। दोनों ही दलों ने इनेलो के वोटों में सेंधमारी की। इनेलो ने 2014 में 24.01 प्रतिशत वोट लेकर 19 सीटें जीती, जो 2019 में 2.44 प्रतिशत वोटों के साथ सिर्फ एक सीट पर सिमट गया। जजपा ने पिछले विस चुनाव में 14.80 प्रतिशत वोट लेते हुए 10 सीटें झटक ली।
हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से झुंड रोचक तथ्य
- बी.डी. शर्मा ने 1966 में हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री का पद संभाला।
- हरियाणा के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहने का गौरव भजन लाल बिश्नोई को प्राप्त है, जो 11 वर्ष और 10 महीने तक इस पद पर रहे।
- हरियाणा के तीसरे मुख्यमंत्री बंसीलाल तीन बार इस पद पर रहे और कुल 11 वर्ष 6 महीने तक इस पद पर रहे।
- ओम प्रकाश चौटाला ने लगातार चार बार मुख्यमंत्री पद संभाला। ये कार्यकाल क्रमशः 171 दिन, 5 दिन और 14 दिन का रहा।
हरियाणा के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले
हरियाणा के इतिहास में एक राजनीतिक हस्ती बंसी लाल ने राज्य की राजनीति पर एक अविश्वसनीय छाप छोड़ी है। दो गैर-लगातार कार्यकालों में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए, उनके नेतृत्व ने हरियाणा के विकास के महत्वपूर्ण दौर को कवर किया। मई 1968 से मार्च 1972 तक उनके पहले कार्यकाल में बुनियादी ढांचे और कृषि सुधारों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। हालाँकि, जून 1986 से जून 1987 तक अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान, बंसी लाल ने राजनीतिक मामलों के प्रबंधन में उल्लेखनीय कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे राज्य में स्थिरता और प्रगति आई।
अपने बेबाक रवैये के लिए जाने जाने वाले बंसी लाल के कार्यकाल में ग्रामीण विकास और कृषि नीतियों पर उनका खासा ध्यान रहा। उनकी पहल ने हरियाणा के कृषि परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे राज्य के कृषक समुदाय के लिए एक चैंपियन के रूप में उनकी विरासत मजबूत हुई। राजनीति से परे, उन्हें जन कल्याण के प्रति समर्पण के लिए सराहा गया, जिसने हरियाणा के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ा। बंसी लाल के योगदान को राज्य के लोगों द्वारा याद किया जाता है और उनकी सराहना की जाती है।





