ममता को बड़ा झटका: बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच करेगी सीबीआई, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
पश्चिम बंगाल में गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका दिया है। ऐसा इसीलिए क्युकी कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच सीबीआई के हाथों में सौंप दी है। दरअसल आज हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि सीबीआई अदालत की निगरानी में ही जांच करेगी। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि हत्या और दुष्कर्म के मामलों की जांच सीबीआई करेगी, वहीं अन्य मामलों की जांच एसआईटी करेगी। इतना ही नहीं, हाईकोर्ट ने कहा कि एसआईटी जांच के लिए बंगाल कैडर के वरिष्ठ अधिकारी टीम के हिस्सा होंगे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं की अदालत की निगरानी में CBI जांच का आदेश दिया है। pic.twitter.com/Hw1C2rxe7q
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2021
#UPDATE | Calcutta High Court also orders to set up SIT for investigation; senior officers from West Bengal cadre to be a part of the team
— ANI (@ANI) August 19, 2021
तीन अगस्त को ही सुरक्षित रख लिए था फैसला।
बता दें कि तीन अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने हिंसा से संबंधित जनहित याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से उसी दिन तक कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को भी कहा था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा था कि क्या 13 जुलाई को प्रस्तुत अंतिम एनएचआरसी रिपोर्ट में अतिव्यापी होने वाले किसी भी मामले में कोई स्वत: संज्ञान लिया गया था।
किसने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश ?
दरअसल मानवाधिकार आयोग की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार को दोषी माना था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दुष्कर्म व हत्या जैसे मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाए और इन मामलों की सुनवाई बंगाल के बाहर हो। वहीं अन्य मामलों की जांच विशेष जांच दल(एसआईटी) से कराई जानी चाहिए। संबंधितों पर मुकदमे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए, विशेष लोक अभियोजक तैनात किए जाएं और गवाहों को सुरक्षा मिले।
इस फैसले के बाद आई नेताओ की प्रतिक्रिया: कैलाश विजयवर्गीय ने कहा – हम अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं।
इधर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा राज्य सरकार के संरक्षण में हुई। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश ने सरकार की पोल खोल दी है। हम अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं।
Post-poll violence in West Bengal took place under the protection of the state government. The order by the Calcutta High Court has exposed the government. We welcome the court order: BJP General Secretary Kailash Vijayvargiya
(File photo) pic.twitter.com/zJNQ1cG1XC
— ANI (@ANI) August 19, 2021
मैं फैसले से नाखुश:सौगत रॉय।
टीएमसी नेता सौगत रॉय ने कहा कि मैं फैसले से नाखुश हूं। यदि हर कानून और व्यवस्था के मामले में जो पूरी तरह से राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, सीबीआई इसमें आती है तो यह राज्य के अधिकार का उल्लंघन है। मुझे यकीन है कि राज्य सरकार स्थिति का न्याय करेगी और यदि आवश्यक हो तो उच्चतम न्यायालय में अपील करने का निर्णय लेगी।
क़ानून-व्यवस्था राज्य का अधिकार है अगर उसमें CBI आ जाएगी तो राज्य का अधिकार घट जाएगा। हम इसके ख़िलाफ हैं। मुझे लगता है कि राज्य सरकार इस पर सोच-विचार करेगी और इसके ख़िलाफ अपील भी करेगी: TMC सांसद सौगत रॉय https://t.co/povLt2Vjay pic.twitter.com/CqlapPpLTJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2021
बंगाल को हिंसा के लिए जाना जाए यह दुर्भाग्यपूर्ण: अनुराग ठाकुर ।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को दायित्व मिला है जनता की सेवा करने का, ना की हिंसा फैलाने का। हिंसा नहीं होनी चाहिए। जहां से स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आए, उस राज्य को हिंसा के लिए जाना जाए तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा।
वहां(पश्चिम बंगाल) सरकार को दायित्व मिला है जनता की सेवा करने का, ना की हिंसा फैलाने का। हिंसा नहीं होनी चाहिए। जहां से स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आए, उस राज्य को हिंसा के लिए जाना जाए तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर https://t.co/povLt2Vjay pic.twitter.com/dj08IMajlG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2021
क्या था मामला ?
बता दें कि दो मई को विधानसभा परिणामों की घोषणा के बाद, पश्चिम बंगाल के कई शहरों में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं हुईं जिसपर अब CBI जांच करेगा।





