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बिहार चुनाव में हार के बाद प्रशांत किशोर का नया संकल्प: 15 जनवरी से शुरू होगी बिहार संकल्प यात्रा

पटना: विधानसभा चुनाव में मिली पराजय के बावजूद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हार नहीं मानी है. एक बार पुनः जनता के बीच जाने का निर्णय लेते हुए उन्होंने भितिहरवा गांधी आश्रम से बड़ी घोषणा की है.

15 जनवरी से बिहार संकल्प यात्रा का आगाज़

भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिवसीय मौन व्रत के उपरांत प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि वे 15 जनवरी से बिहार संकल्प यात्रा प्रारंभ करेंगे. इस यात्रा के अंतर्गत वे प्रदेश के 1 लाख 18 हजार वार्डों में उन महिलाओं से भेंट करेंगे जिन्हें राज्य सरकार की ओर से 10 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है. इसके अतिरिक्त, बिहार सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले 2 लाख रुपये के लाभ हेतु फॉर्म भरवाने का दायित्व भी वे निभाएंगे.

समर्थकों से प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये का आह्वान

मीडिया से बातचीत करते हुए पीके ने स्पष्ट किया कि जन सुराज से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति से संगठन के लिए एक हजार रुपये का योगदान अपेक्षित है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले दो दशकों में अर्जित अपनी समस्त अचल संपत्ति (दिल्ली स्थित आवास को छोड़कर) वे इस योजना के लिए दान करेंगे. पीके ने आगे कहा कि भविष्य में प्राप्त होने वाली उनकी समस्त आय का 90 प्रतिशत हिस्सा बिहार संकल्प यात्रा तथा संबंधित सामाजिक कार्यक्रमों में व्यय होगा.

गांधी की कर्मस्थली पर मौन साधना

जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिवसीय मौन अनशन रखा. महात्मा गांधी की ऐतिहासिक कर्मस्थली पर किया गया यह मौन व्रत चुनावी असफलता के पश्चात आत्मचिंतन का प्रतीक माना जा रहा है. गुरुवार को प्रातःकाल से पूर्ण मौन रहे पीके ने कोई भाषण या वक्तव्य नहीं दिया, जबकि आश्रम के बाहर समर्थकों का जमावड़ा था और अंदर प्रवेश वर्जित कर दिया गया था. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी दिनों की रणनीति का संकेत है. इस बैठक में जन सुराज के समस्त वरिष्ठ नेता उपस्थित थे.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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