फैक्ट चेक: लखनऊ के ई-रिक्शा ड्राइवर की पुलिस कार्रवाई में नहीं हुई मौत, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुई खबर

फैक्ट चेक: लखनऊ के ई-रिक्शा ड्राइवर की पुलिस कार्रवाई में नहीं हुई मौत, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुई खबर
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ पुलिस कर्मी एक व्यक्ति को अपने कंधे पर उठा कर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं, वहीं सैकड़ों लोग उसका वीडियो बनाते हुए भी दिख रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लखनऊ के निशातगंज चौराहे के पास एक समुदाय विशेष के ई-रिक्शा चालक को पुलिस द्वारा मारा गया है, जिससे मौके पर ही चालक की मौत हो गयी।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ” भारत में मुसलमान होना गुनाह है ? लखनऊ में अभी निशातगंज चौराहे के पास रोज़गार मुस्लिम ई रिक्शा चालक को पुलिस के द्वारा मारा गया है जिससे तुरंत सड़क पर ही उसकी मौत हो गयी Hello UP Police जांच करिए पुलिस की वर्दियों में कौन से दं’गाई है।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने कुछ संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमे वायरल वीडियो के संबंध में theindiadaily नामक वेबसाइट पर लेख मिला जिसे मार्च 08, 2025 को छापा गया था।
यहाँ वायरल वीडियो के एक कीफ्रेम को इस्तेमाल करते हुए जानकारी दी गयी है कि लखनऊ निशांतगंज चौराहे के पास महानगर थाना क्षेत्र स्थित निशातगंज चौराहे पर अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस ने एक ई रिक्शा चालक की पिटाई कर दी जिससे वह बेहोश हो गया था। जिस के बाद वहां मौजूद गुस्साई भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसके चलते लखनऊ के कई चौराहों पर ट्रैफिक जाम हो गया

उपरोक्त मिली जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें NBT की वेबसाइट पर वायरल वीडियो के संबंध में एक खबर मिली। यहाँ जानकारी दी गयी है कि लखनऊ के निशातगंज के पास सवारी भर रहे ई-रिक्शा की पुलिस सिपाही और चालक से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान सिपाही ने ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी जिसके बाद चालक बेहोश हो गया।

खोज के दौरान हमें वायरल पोस्ट को लेकर लखनऊ पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल द्वारा किया गया एक पोस्ट भी मिला। जिसे मार्च 09, 2025 को अपलोड किया। यहाँ बताया गया है कि, “उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना महानगर क्षेत्र में अतिक्रमण (ई-रिक्शा) हटाने की प्रक्रिया के दौरान एक व्यक्ति को मामूली चोटें आई थीं, जिनका प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों द्वारा तत्काल उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था। उक्त व्यक्ति पूर्णतः सुरक्षित हैं और उनकी मृत्यु संबंधी सभी खबरें गलत एवं फर्जी हैं।
थाना महानगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान रिक्शा चालक को सामान्य चोट आई थी, जिसकी मृत्यु सम्बन्धी अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करके वैधानिक कार्यवाही की गयी है।
कृपया बिना सत्यापन भ्रामक पोस्ट न करें।@Uppolice pic.twitter.com/atVZomtEy7
— LUCKNOW POLICE (@lkopolice) March 9, 2025
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना महानगर क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई के दौरान चालक की मृत्यु नहीं हुई थी। वायरल वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर की जा रही है।





