फैक्ट चेक: क्या छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर में हुए नक्सली हमले का नक्सलीयों ने जारी किया वीडियो? जानें सच

अप्रैल के पहले हफ्ते में छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। बीजापुर में हुए इस नक्सली मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए थे जबकि 31 जवान घायल हुए। इस एनकाउंटर में कई नक्सलियों के भी मारे जाने की पुष्टि हुई। अब इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे दावा किया जा रहा है कि नक्सलियों ने इस एनकाउंटर का वीडियो जारी कर दिया है।
सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने इस पोस्ट को साझा करते हुए लिखा – नक्सलियों ने वीडियो रिलीज कर दिया है ? देखे कैसे हुए देश के जवान शहीद

इसी तरह के और भी पोस्ट आप यहाँ, यहाँ, यहाँ और यहाँ देख सकते है।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल ने इस पोस्ट की जांच कि तो हमने इस वीडियो को भ्रामक पाया।
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सबसे पहले हमने इन वीडियो के कुछ ‘की फ्रेम्स’ निकाले और इन्हें रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से सर्च किया। तब हमे यूट्यूब पर ‘
Clipper28′ नाम के एक चैनल का वीडियो मिला। इस वीडियो में भी वही क्लिप हमे दिखे जो सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ एनकाउंटर के नाम से वायरल हो रहा है। बता दे इस वीडियो को मार्च 24, 2018 को साझा किया गया था।
आगे और जांच करने पर हमे ‘Kalinga TV’ पर भी एक वीडियो मिला जिसमे इसी वायरल वीडियो के कुछ अंश थे। ख़ास बात ये है कि इसको जनवरी 1, 2019 को पब्लिश किया गया था।
https://www.youtube.com/watch?v=kRFHJ81CjWY
हमने आगे ये भी जांच की कि क्या नक्सलियों द्वारा इस एनकाउंटर का कोई वीडियो जारी किया गया है, लेकिन हमने न ही ऐसा कोई वीडियो मिला और न ही मीडिया रिपोर्ट्स। हालाकिं, हमे जांच के दौरान नक्सलियों द्वारा एक प्रेस नोट ज़रूर मिला, जिसमें नक्सली ने उनके पास अगवा जवान को रिहा करने के लिए भारत सरकार से बातचीत करना चाहते है.
In Bijapur attack,24 security personnel lost lives,31 injured & 1 in our custody. 4 People's Liberation Guerrilla Army personnel lost lives. Ready to negotiate with govt,they can announce mediators. Will release him. Police Jawans not our enemies:Communist Party of India (Maoist) pic.twitter.com/VvMSnuAafc
— NewsMobile (@NewsMobileIndia) April 7, 2021
क्या है प्रेस नोट में ?
इस प्रेस नोट के जरिए नक्सलियों ने सरकार से मध्यस्थता करने की बात कही। इसके लिए वे सरकार पर मध्यस्थता करने वाले के नाम तय करने का दबाव बना रहे है।

वहीं, बातचीत होने के बाद जवान को रिहा करने की भी बातचीत नोट में है। ख़ास बात ये है कि प्रेस नोट में यह भी दावा किया गया था कि जब तक सरकार से बातचीत नहीं होती है, तब तक जवान को रिहा नहीं किया जाएगा।

नक्सलियों द्वारा इस प्रेस रिलीज़ की हमे कई मीडिया रिपोर्ट्स भी मिली जिन्हें आप यहाँ और यहाँ देख सकते है।
हालाकिं, बाद में नक्सलियों ने उनके पास कैद जवान को सकुशल रिहा कर दिया था। इसकी भी मीडिया रिपोर्ट्स आप यहाँ और यहाँ देख सकते है।

इतनी जानकारी से हम दावा कर सकते है कि छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले का वीडियो नक्सलियों द्वारा नहीं जारी किया गया और जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है वो पुराना है।
यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 11 7127 9799 पर व्हाट्सएप करें







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