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मध्य प्रदेशः 2024 में पर्यटन का होगा मेकओवर, पर्यटकों को लुभाएंगे क्रूज, आफबीट एवं ग्रामीण पर्यटन

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नई दिल्ली: हिंदुस्तान के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन को नए आयाम पर पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग ने 2024 के लिए एक अभिनव रणनीति तैयार की है. नए पर्यटन उत्पादों को लाने, पर्यटन को अधिक सुगम बनाने एवं आफबीट गंतव्यों को विकसित करने के लिए योजना बनाई जा रही है. क्रूज पर्यटन, आल वुमन राइड्स, सुरक्षित महिला पर्यटन, वेलनेस एवं ग्रामीण पर्यटन आदि की मदद से 2024 में नए आयाम स्थापित कर प्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा.

 

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मप्र टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला बताते हैं कि हमने 2023 में पर्यटन के लिए एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की थी. नए साल में इसे और अधिक समग्र, समावेशी, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और रोमांचक बनाने की योजना है. शिव शेखर शुक्ला ने 2024 में पर्यटन के विभिन्न आयाम और प्राथमिकताओं के बारे में बताया. उनका मानना है कि नए साल में पर्यटन का मेकओवर होगा.

 

क्रूज पर्यटन, ऑफबीट एवं ग्रामीण पर्यटन होंगे प्रमुख आकर्षण

हिंदुस्तान के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन को नए आयाम पर पहुंचाने के लिये पर्यटन विभाग ने 2024 के लिए एक अभिनव रणनीति तैयार की है. नए पर्यटन उत्पादों को लाने, पर्यटन को अधिक सुगम बनाने एवं ऑफबीट गंतव्यों को विकसित करने के लिए योजना बनाई जा रही है. क्रूज पर्यटन, ऑल वुमन राइड्स, सुरक्षित महिला पर्यटन, वेलनेस एवं ग्रामीण पर्यटन इत्यादि उत्पादों की मदद से 2024 में नए आयाम स्थापित किये जाकर प्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा.

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मप्र टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला बताते हैं, “हमने 2023 में पर्यटन के लिए एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की थी. 2024 में इसे और अधिक समग्र, समावेशी, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और रोमांच से भरपूर बनाने की योजना है.”

 

क्रूज़ पर्यटन से मिलेगी नई राहें

प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया, “हमारे पास 2024 में क्रूज पर्यटन के लिए एक बेहतरीन योजना है. मुख्य आकर्षण ओंकारेश्वर में ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ से गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक नर्मदा नदी पर लगभग 130 किमी का अंतर-राज्य क्रूज का संचालन होगा. फ्लोटिंग जेटी पहले से ही स्थापित की जा रही हैं”. पर्यटक दोनों गंतव्यों के मध्य ग्रामीण पर्यटन अनुभवों का आनंद ले सकेंगे. 2024 के लिए तैयार अन्य क्रूज परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए श्री शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में चंदेरी के पास राजहाट बांध को उत्तर प्रदेश के देवगढ़ से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है. उन्होंने कहा, “लंबी दूरी, अंतर-राज्य क्रूज 2024 के लिए एक नया आकर्षण होगा.”

साथ ही जबलपुर के पास बरगी बांध के निकट स्थित मैकाल रिजॉर्ट से मंडला जिले के तिंदिनी तक, देवास में धाराजी से ओंकारेश्वर के पूर्व में सैलानी टापू तक, संजीत गांव से गांधी सागर के टेंट सिटी तक अंतर्राज्यीय क्रूज भी प्रस्तावित है. तवा-मढ़ाई क्रूज भी पर्यटकों को नया अनुभव देगा.

राष्ट्रीय उद्यानों/अभयारण्यों के विभिन्न बफर जोन में नए ट्रैकिंग ट्रेल्स की पहचान कर विकसित करना 2024 पर्यटन रणनीति का हिस्सा होगा.

प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि, विभिन्न बाइकिंग ट्रेल्स और कार रैलियों के माध्यम से ऑफराइडिंग गंतव्यों को प्रचारित किया जाएगा. द क्वींस ऑन द व्हील – महिलाओं के लिए सात दिवसीय बाइकिंग इवेंट जो फरवरी 2024 में निर्धारित है, राइडर्स को भोपाल से ओरछा से चंदेरी, कूनो, ग्वालियर, मितावली, पदावली, बटेश्वर, ओरछा, खजुराहो होते हुए भोपाल तक एक रोमांचक सफर पर ले जाएगा.

प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया, “हमारे पास कई नए ऑफ-बीट गंतव्यों को विकसित करने की विस्तृत योजनाएं हैं, जिससे हमारे राज्य की उक्त यूएसपी का लाभ उठाया जा सके.”

 

कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिये छोटे विमानों का संचालन

विभिन्न गंतव्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए, पर्यटन विभाग पीपीपी के तहत छोटे रूट्स पर विमानों का संचालन शुरू करने पर काम कर रहा है. प्रमुख सचिव श्री शुक्ला कहते हैं, “इसे फिर से शुरू करने का यह सबसे अच्छा समय है क्योंकि महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र अब वापस लौट आया है.”

 

योग और ध्यान के लिए रिट्रीट होंगे

“वेलनेस पर्यटन, आहार और शारीरिक पोषण से कहीं अधिक प्रदान करता हैं. इसके लिए वेलनेस रिट्रीट में कई रचनात्मक पेशकशें होंगी. मुझे विश्वास है कि यह प्रयास राज्य के पर्यटन ग्राफ को बढ़ाएगा,” श्री शुक्ला कहते हैं. पहले वर्ष में 12 ऐसे रिट्रीट आयोजित करने की योजना है, इसके बाद लगातार दूसरे और तीसरे वर्ष 24 और 36 रिट्रीट आयोजित करेंगे. रिट्रीट का आयोजन मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के स्वामित्व वाले चुनिंदा होटलों में किया जाएगा.

 

ऑफबीट गंतव्य एवं ग्रामीण पर्यटन

2024 में कम से कम 10 ऐसे गंतव्यों को मुख्यधारा के पर्यटन से जोड़ना की योजना बनाई गई है जो अपार संभावनाओं होने के बावजूद भी पर्यटकों की पहुंच से दूर है. ऑफबीट गंतव्यों को प्रचारित करने की प्रक्रिया 2023 में शुरू की गई थी और 2024 में यह और अधिक मजबूत आकार लेगी. “इन गंतव्यों की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जाएगा. हम इन स्थानों का समग्र विकास करना चाहते हैं,” श्री शुक्ला कहते हैं, ”इन स्थलों के आसपास विविध अनुभवों के साथ ग्लैम्पिंग साइट बनाने की अवधारणा 2023 में शुरू हुई थी. 2024 में, टेंट सिटी की संख्या बढ़ाने के अलावा हम उन्हें और अधिक पर्यटक अनुकूल बनाएंगे.” ग्रामीण पर्यटन की रूपरेखा महामारी के दिनों में तैयार की गई थी, इसे 2024 में व्यापक किया जाएगा. श्री शुक्ला ने कहा, 2024 में होम स्टे की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी. हम नए ग्रामीण जीवन के अनुभवों से पर्यटकों को अवगत कराएंगे.

प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित गंतव्य एक प्राथमिकता होगी और विभिन्न फ्रंट लाइन नौकरियों में उनकी संख्या बढ़ाने के लिए आतिथ्य से संबंधित अवसरों में बड़े पैमाने पर कौशल बढ़ाने के लिए विभिन्न पहल चल रही हैं. “बोर्ड ने पहले ही 4000 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया है और 2024 में इन्हें होटल और पर्यटन उद्योग में रोजगार देने के अवसर को चिह्नित कर रहे हैं.”

 

2023 में म.प्र. पर्यटन को मिली उछाल

महामारी के कारण पर्यटन क्षेत्र की बिगड़ी हालत के बाद राज्य सरकार के दृढ़ प्रयासों की बदौलत मध्य प्रदेश में पर्यटन 2023 में वापस लौट आया. नए सर्किटों, फेस्टिवल्स की शुरूआत और ऑफबीट गंतव्यों पर टेंट सिटी की स्थापना, ग्रामीण अनुभव प्रदान करना, 2023 की कुछ विशेषताएं थीं. कूनो और चंदेरी फेस्टिवल्स के पहले संस्करण को अच्छी शुरुआत मिली जबकि मांडू और गांधी सागर फ्लोटिंग फेस्टिवल ने पर्यटकों को आकर्षित करने में प्रमुख भूमिका निभाई. इन स्थलों के आसपास विशाल टेंट सिटीज ने पर्यटकों को अल्ट्रा-लग्जरी ग्लेम्पिंग अनुभव प्रदान किया.  “कूनो और चंदेरी में फेस्टविल्स शुरू करने का हमारा उद्देश्य पर्यटन को संस्कृति और वन्य जीवन के साथ जोड़ना था. हमें पर्यटकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है,” शुक्ला कहते हैं.