फैक्ट चेक: पुलिस द्वारा उपद्रवियों पर हुई कार्रवाई का यह वीडियो प्रयागराज की घटना का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: पुलिस द्वारा उपद्रवियों पर हुई कार्रवाई का यह वीडियो प्रयागराज की घटना का नहीं, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो कुछ घायल युवकों का है जिन्हें कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा कहीं ले जाते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह युवक कोई और नहीं बल्कि प्रयागराज में उपद्रव मचाने वाले उपद्रवी हैं।
दरअसल, 13 अप्रैल को अनुसूचित जाति के देवीशंकर की हत्या के विरोध में व कौशाम्बी में पाल समाज की 8 साल की लड़की के साथ हुई घटना को लेकर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को पीड़ितों के परिवारों से मिलने जाना था। लेकिन जब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद बीती 29 जून को वहां पहुंचें तो उन्हें कौशाम्बी और करछना के इसौटा में ही पुलिस द्वारा जाने से रोक लिया गया। इसी बात से भीम आर्मी के कार्यकर्ता नाराज हो गए, जिस पर कार्यकर्ताओं द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस बीच कई तोड़फोड़ और आगजनी के मामले भी सामने आए। जिसे लेकर पुलिस ने भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष व उपाध्यक्ष समेत 54 नामजद और 550 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, 75 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें आठ नाबालिग भी शामिल हैं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो वायरल दावे के साथ वायरल हो रहा है।
फेसबुक के वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “प्रयागराज करछना में चंद्रशेखर रावण के समर्थन में दंगा करने वालों का हाल देख लो…रावण समर्थक को यूपी पुलिस रेल बना रही है!”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो प्रयागराज की घटना से संबंधित नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमे शक हुआ तो सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल फेसबुक के खबर पदमपुर एवं ग्रामीण नामक जून 05, 2025 को अपलोड किया। प्राप्त फेसबुक पोस्ट में जानकारी दी गयी है कि वायरल वीडियो का यह मामला श्रीगंगानगर का है, जहां रंगदारी गैंग पकड़ी गयी जिसमे 4 बदमाशों को पकड़े गए हैं।

उपरोक्त मिली जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो राजस्थान की घटना का है। इसकी पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से संबंधित गंगानगर पुलिस का एक एक्स पोस्ट मिला, जहां बताया गया है कि गैंगस्टरों के नाम पर व्यापारियों को धमकाने और रंगदारी वसूलने के आरोप में राजस्थान की गंगानगर पुलिस ने चार बदमाशों को रंगदारी लेते हुए गिरफ्तार कर पांच लाख रुपए बरामद किए।
— Ganganagar Police (@sgnrpolice) June 5, 2025
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश की प्रयागराज घटना से संबंधित नहीं बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में चल रही रंगदारी से जुड़े मामले का है।





