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फैक्ट चेक: पुलिसकर्मी द्वारा मंदिर जा रहे शख्स के साथ बदसलूकी का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: पुलिस कर्मी द्वारा मंदिर जा रहे शख्स के साथ बदसलूकी का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी मंदिर जा रहे एक शख्स के साथ बदसलूकी करते हुए नजर आ रहा है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हाल-फिलहाल का बताकर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में पनकी में विनोद सिंह ने मंदिर जा रहे एक बुजुर्ग के साथ बदसलूकी करते हुए जल को पूजापात्र में उड़ेल दिया। इसके अलावा बुजुर्ग को घुटने से चलवाया।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “उत्तर प्रदेश कानपूर पनकी का है Video और ये SO विनोद सिंह है, ये बुजुर्ग अकेला था मंदिर जा रहा था,पूजापात्र में पूरा जल उड़ेला,उसको पूरी हनक दिखाई । बुजुर्ग ने माफी मांगी लेकिन उसको घुटुनवा चलवाया और वो चला भी ये हमारा धर्म है,हमारे संस्कार हैं। रमजान की सिर्फ बधाई दे सकते है बाजार खुल सकता है किन्तु ,,,? हिन्दू वादी सरकार ,,?”
फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई इसलिए सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम ZeeNews की वेबसाइट पर अप्रैल 30, 2020 को प्रकाशित एक लेख में मिला।

लेख के मुताबिक वायरल वायरल वीडियो साल 2020 के दौरान का है जब देश में लॉकडाउन लगाया गया था।  जानकारी दी गयी कि कानपुर के पनकी में लाकडाउन के दौरान मंदिर जा रहे एक बुजुर्ग को पुलिसकर्मी ने अजीबोगरीब सजा दी गई।

उपरोक्त मिली जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो के संबंध में दैनिक जागरण की वेबसाइट पर भी एक लेख मिला। जिसे अप्रैल 30, 2020 को छापा गया था। यहाँ बताया गया है कि  “मंदिर जा रहे बुजुर्ग से बदसलूकी करना पनकी थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद एडीजी और एसएसपी ने उक्त प्रकरण की जांच कराई और त्वरित कार्रवाई करते हुए पनकी थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया।”

 

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि लॉकडाउन के दौरान का है, जिसे हालिया दिनों में भ्रम फ़ैलाने के लिए शेयर किया जा रहा है।
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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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