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फैक्ट चेक: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आधा-अधूरा वीडियो भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा है शेयर, जानें पूरा सच

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फैक्ट चेक: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आधा-अधूरा वीडियो भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा है शेयर, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है यह वीडियो कांग्रेस नेता राहुल गांधी का है जहां वह एक मंच पर खड़े होकर सामने बैठी जनता के सवालों करते हुए देखा जा सकता है।

इस दौरान जनता के बीच से एक युवक खड़ा होकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पूछता है कि ”भाजपा ने जिन संस्थाओं का निजीकरण किया है क्या उनका फिर से राष्ट्रीयकरण किया जाएगा ?” वीडियो में गौर किया का सकता है कि पहले तो राहुल गांधी युवक के सवाल को समझने के लिए उनके बगल में खड़ी एक सहयोगी महिला से सहायता लेते हैं। इसके बाद वह जवाब में कहते है की ”यह तो मुश्किल होगा ।”

इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रीयकरण का मतलब नहीं पता।

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया अधूरी जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है।

वायरल वीडियो हमें देखने पर कुछ अधूरा लगा जिसके बाद वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने अपनी पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ की फ्रेम्स में तोड़ा उसके बाद एक की फ्रेम को गूगल पर रिवर्स इमेज टूल की सहायता से खोजना शुरू किया। जिसके बाद सबसे पहले हमें वायरल वीडियो से हूबहू मेल खाता एक दूसरा वीडियो Navjiwan नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे अप्रैल 24, 2024 में अपलोड किया गया था। वीडियो में राहुल गांधी जातीय जन गणना की बात करते हुए नजर आरहे हैं।

वीडियो में राहुल गांधी कहते हैं कि “राहुल गांधी ने कहा, ‘‘जाति आधारित जनगणना मेरी जिंदगी का मिशन है। कांग्रेस की सरकार आते ही हम जातिगत जनगणना करा देंगे, ये मेरी गारंटी है। राजनीति में समझौता किया जा सकता है, लेकिन मिशन के साथ समझौता नहीं होता।”

इसके बाद वायरल वीडियो क्लिप को खोजने के लिए हमने कीफ्रेम के साथ-साथ कुछ संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर खोजना शुरू किया। इसके बाद हमें वायरल वीडियो Hindi Live News नामक यूट्यूब चैनल हमें पूरा वायरल क्लिप का पूरा वीडियो मिला। वीडियो को 37 मिनट 24 सेकंड तक देखने पर वायरल क्लिप देखा जा सकता है।

37 मिनट से भी अधिक इस वीडियो को देखने पर हमने पाया कि राहुल गांधी को जनता की आवाज सुनने में पहले ही दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। वहीं जब वायरल वीडियो क्लिप वाले युवक ने उनसे निजीकरण-राष्ट्रीयकरण के मुद्दे पर सवाल करता है तो उन्हें एक बार फिर वही दिक्कत हुई। जिसके बाद उन्होंने अपने सहयोगी से सहयता ली।

जहां उन्होंने बताया कि नहीं वह जो संस्थानों का निजीकरण हो चुका है उनका वापस से तो राष्ट्रीयकरण नहीं कर सकेंगे लेकिन भविष्य में अन्य संस्थानों का निजीकरण होने से बचाएंगे।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो अधूरा था। पूरे वीडियो में उन्होंने उक्त मुद्दे पर बात करते हुए पूरा जवाब दिया था। जिसे वायरल क्लिप में अधूरा ही शेयर किया जा रहा था।