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प्रयागराज में मनाया गया भारतीय वायु सेना दिवस, वायु सेना के झंडे में किया गया बदलाव, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री समेत कई नेताओं ने दी बधाई

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प्रयागराज में मनाया गया भारतीय वायु सेना दिवस, वायु सेना के झंडे में किया गया बदलाव, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री समेत कई नेताओं ने दी बधाई

 

आज भारतीय वायुसेना की 91वां वर्षगांठ पहली बार संगम नगरी यानी प्रयागराज में मनाई जा रही है, जिसको लेकर बमरौली में वायु योद्धाओं की परेड सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई। बता दें कि इस साल भारत पाकिस्तान युद्ध के 52 साल पूरे हो गए।

इसी क्रम में 8 अक्टूबर को इंडियन एयर फोर्स ने प्रयागराज में अपना 91 वीं वर्षगांठ मनाई। भारतीय वायु सेना के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिन भारतीय वायु सेना के उन सभी बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

भारतीय वायु सेना को उसके 91वें स्थापना दिवस पर वायुसेना के नए ध्वज का भी अनावरण किया गया है। इस दौरान भारतीय वायु सेना एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने इसका अनावरण किया। बता दें कि यह बदलाव 72 वर्ष बाद किया गया है। वायु सेना अध्यक्ष चीफ एयर मार्शल वीआर चौधरी ने परेड के दौरान झंडा बदलने के साथ वायु योद्धाओं को शपथ भी द‍िलाई।

 

इस दौरान प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने कहा कि हमने अग्निवीरों के पहले बैच और महिला अग्निवीरों सहित उसके बाद के बैचों को सफलतापूर्वक भारतीय वायु सेना में शामिल किया है… इस साल पहली बार हमारे स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान ने भी एक विदेशी अभ्यास में भाग लिया… इस वर्ष के वायु सेना दिवस की थीम ‘आईएएफ-एयरपावर बियॉन्ड बाउंड्रीज़’ है। थीम वायुशक्ति की अंतर्निहित वैश्विक पहुंच को उपयुक्त रूप से दर्शाता है।

भारतीय वायु सेना के 91वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सभी भारतीय वायु सेना कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।

किसी भी दिन को मनाने के लिए उसकी थीम पहले से तय की जाती है। इस बार वायु सेना दिवस की थीम ‘IAF- Airpower Beyond Boundaries रखी गई है।

गौरतलब है कि 08 अक्टूबर 1932 को भारतीय वायु सेना की स्थापना हुई थी। भारतीय वायु सेना ने 01 अप्रैल 1933 को पहली बार उड़ान भरी। इस एसी फ्लाइट में छह आरएएफ-प्रशिक्षित अधिकारी और 19 सैनिक मौजूद थे।