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पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश का किया दौरा, चित्रकूट में तुलसी पीठ के जगद्गुरु रामानंदाचार्य से की मुलाकात

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पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश का किया दौरा, चित्रकूट में तुलसी पीठ के जगद्गुरु रामानंदाचार्य से की मुलाकात

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचें हैं। यहाँ उन्होंने सबसे पहले जानकीकुंड चिकित्सालय के नए विंग का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय अरविंद भाई मफतलाल के शताब्दी जन्म वर्ष समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…आज जानकीकुंड चिकित्सालय के नए विंग का लोकार्पण हुआ है, इससे लाखों मरीजों को नया जीवन मिलेगा। आने वाले समय में सद्गुरू मेडिसिटी में गरीबों की सेवा के इस अनुष्ठान को नया विस्तार मिलेगा।आज इस अवसर पर अरविंद भाई मफतलाल की स्मृति में भारत सरकार ने विशेष स्टैंप भी रिलीज किया है। ये पल अपने आप में हम सबके लिए गौरव का पल है, संतोष का पल है। मैं आप सबको इसके लिए बधाई देता हूं।

गौरतलब है कि देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी मोड पर हैं। पीएम मोदी ऐसे में एक के बाद एक चुनावी सभाएं कर रहे हैं। इसी क्रम पीएम मोदी आज यानी शुक्रवार को मध्य प्रदेश पहुंचें वह स्वर्गीय अरविंद भाई मफतलाल के शताब्दी जन्म वर्ष समारोह में शामिल हुए। जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, “मुझे खुशी है कि अरविंद भाई का परिवार उनकी परमार्थिक पूंजी को लगातार समृद्ध कर रहा है। मैं इसके लिए उनके परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देता हूं। ”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “चित्रकूट के बारे में कहा गया है- ‘कामद भे गिरि राम प्रसादा। अवलोकत अपहरत विषादा’ अर्थात चित्रकूट के पर्वत, कामदगिरि, भगवान राम के आशीर्वाद से सारे कष्टों और परेशानियों को हरने वाले हैं। चित्रकूट की ये महिमा यहां के संतों और ऋषियों के माध्यम से ही अक्षुण्ण बनी हुई है। पूज्य रणछोड़दास जी ऐसे ही संत थे। उनके निष्काम कर्मयोग ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कांच मंदिर का दौरा भी किया और पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने तुलसी पीठ के जगद्गुरु रामानंदाचार्य से मुलाकात की और उनके साथ तीन पुस्तकें- ‘अष्टाध्यायी भाष्य’, ‘रामानंदाचार्य चरितम्’ और ‘भगवान श्री कृष्ण की राष्ट्र लीला’ का विमोचन किया।

इस दौरान अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, “मेरा सौभाग्य है, आज पूरे दिन मुझे अलग-अलग मंदिरों में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिला और संतों का आशीर्वाद भी मिला। विशेषकर संत रामभद्राचार्य जी का स्नेह जो मुझे मिलता है वह अभिभूत कर देता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “दुनिया में इन हजारों वर्षों में कितनी ही भाषाएं आईं और चली गईं। नई भाषाओं ने पुरानी भाषाओं की जगह ले ली। लेकिन हमारी संस्कृति आज भी उतनी ही अक्षुण्ण और अटल है। संस्कृ​त समय के साथ परिष्कृत तो हुई लेकिन प्रदूषित नहीं हुई।”

उन्होंने कहा कि, “दूसरे देश के लोग मातृभाषा जाने तो ये लोग प्रशंसा करेंगे लेकिन संस्कृत भाषा जानने को ये पिछड़ेपन की निशानी मानते हैं। इस मानसिकता के लोग पिछले एक हजार साल से हारते आ रहे हैं और आगे भी कामयाब नहीं होंगे।”