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उत्तरकाशी सुरंग हादसा: 17 दिनों बाद मिली सफलता, टनल से सुरक्षित बाहर निकाले गए सभी 41 मजदूर

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा टनल में पिछले 17 दिनों से फंसे 41 मजदूरों को सफलतापूर्वक सुरंग से बाहर निकाल लिया गया है. टनल के अंदर ही अस्थायी अस्पताल बनाया गया है. यहां सभी मजदूरों का मेडिकल चेकअप होगा. कुछ देर मजदूरों को यही रखा जाएगा. टेंपरेचर नॉर्मल होने और हालत में कुछ सुधार होने पर सभी मजदूरों को 30-35 KM दूर चिन्यालीसौड़ ले जाया जाएगा. अगर किसी मजदूर की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट को एम्स ऋषिकेश ले जाया जाएगा. इसके लिए चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप पर चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है.

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बाहर निकाले गए मजदूरों से मुलाकात कर रहे हैं. केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह भी वहीं मौजूद हैं. वीके सिंह ने माला पहनाकर मजदूरों को स्वागत किया. बाहर निकाले जा रहे मजदूरों के परिजन भी टनल में मौजूद हैं. मजदूरों का टनल के अंदर बने अस्थायी अस्पताल में मेडिकल चेकअप किया जा रहा है.

 

इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिल्कयारा सुरंग बचाव स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, बाबा बौख नाग जी की असीम कृपा, करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है. शीघ्र ही सभी श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा.

 

टनल के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर भी भेजे गए हैं. टनल के अंदर मजदूरों को निकालने के लिए सभी उपकरण धीरे-धीरे पहुंचाए जा रहे हैं. बता दें कि करीब 17 दिन से 41 मजदूर फंसे हुए थे. मजदूरों को निकालने के लिए पहले हॉरिजोन्टल ड्रिलिंग की गई और फिर वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू हुई. जब इन दोनों तरीकों से सफलता नहीं मिली तो अंत में रैट माइनर्स के जरिए मैनुअल खुदाई शुरू की गई.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए प्रार्थना करने की अपील देश की जनता से की है. वहीं रैट माइनर्स भी मुस्तैदी से अपने काम में जुटे हुए हैं.  पीएम मोदी ने तेलंगाना में कहा,” आज जब हम देवी-देवताओं से प्रार्थना कर रहे हैं, मानवता के कल्याण की बात कर रहे हैं, तो हमें अपनी प्रार्थना में उन श्रमिक भाईयों को भी स्थान देना है, जो बीते करीब दो सप्ताह से उत्तराखंड की एक टनल में फंसे हुए हैं.”