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Farmers’ Protest LIVE: ‘ट्रैक्टर रैली’ के दौरान राजधानी में हिंसा पर ट्विटर का भी सख्त एक्शन, 550 एकाउंट्स सस्पेंड

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देश की राजधानी दिल्ली में 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों के ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के चलते ट्विटर ने बुधवार को 550 एकाउंट को सस्पेंड कर दिया है। ट्विटर के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा- हिंसा भड़काने, अभद्रता और धमकी, जिनसे नियमों का उल्लंघन होता हो उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि – “टेक्नोलॉजी और मानव समीक्षा दोनों के जरिए ट्विटर ने कुछ एकाउंट पर एक्शन लिया है जो ट्विटर के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके साथ ही, करीब 550 से ज्यादा ट्विटर एकाउंट को सस्पेंड किया गया है।”

इधर कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए बवाल के बाद दिल्ली अब कड़ी सुरक्षा में है। किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक 22 FIR दर्ज की हैं। इनमें से ईस्टर्न रेंज में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बता दे इस हिंसा के दौरान 300 से अधिक पुलिस कर्मी भी घायल हुए थे जिनमे से आधो का इलाज चल रहा है तो आधे डिस्चार्ज हो गए है।

इन सब के बीच ट्रैफिक के वजह से दिल्ली में कई रास्ते आज भी बंद है। फिलहाल संसद परेड की बात करे तो किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि बड़ी तादाद में किसान संसद मार्च नहीं करेंगे। चुनिंदा प्रतिनिधि अपनी मांगों का ज्ञापन लेकर पैदल मार्च करते हुए संसद तक जाएंगे।

ट्रैक्टर रैली हिंसा मामले में राकेश टिकैत पर भी एफआईआर दर्ज – दिल्ली पुलिस।

इधर इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने ये जानकारी दी है कि, उसकी एफआईआर में (किसान ट्रैक्टर रैली के संबंध में एनओसी के उल्लंघन के लिए) किसान नेता दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह उग्रा के नाम हैं। एफआईआर में बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का भी नाम है।

हिंसा पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट शाम तक सौंपी जाएगी।

दिल्ली में हिंसा पर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट शाम तक सौंपी जानी है। संस्कृति मंत्रालय की नुकसान की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और एफ़आईआर दर्ज करेगी। बता दे पांच अधिकारियों की टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है। थोड़ी देर पहले संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल के अधिकारियों की टीम ने लाल क़िले का दौरा किया था।

लाल किले पर भीड़ हो गयी थी उग्र – डीसीपी उत्तर के ऑपरेटर संदीप।

किसानों के हमले में घायल हुए डीसीपी उत्तर के ऑपरेटर संदीप ने बताया, ‘हम लाल किले पर गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर थे। वहां एक उग्र भीड़ आई और उन्होंने अचानक लाठी-डंडे और जो भी हथियार उनके पास थे उनसे हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को बहुत मशक्कत करनी पड़ी। दूसरी तरफ मोहन गॉर्डन के SHO बलजीत सिंह भी हमले में घायल हुए थे उन्होंने कहा, नजफगढ़ रोड पर हमने बैरिकेड से रास्ता रोका था। किसान प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर नजफगढ़ की तरफ से आए। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिया और पथराव शुरू कर दिया। वे बहुत हिंसक थे और उनके पास हर तरह के हथियार थे।

हिंसा के आरोपी 200 लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में, गिरफ्तारी जल्द।

दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी है।

देखे दिल्ली के लाल किले के अंदर का दृश्य।

दिग्विजय सिंह ने ट्रैक्टर रैली में हिंसा के पीछे सरकार को ठहराया जिम्मेदार।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है। दिग्विजय ने ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, किसानों ने 15 लोगों को पकड़कर दिल्ली पुलिस को दिया है। उनके पास सरकारी मुलाजिम होने का पहचान पत्र मिला है। यह आंदोलन को गलत रास्ते पर दिखाने का षड्यंत्र था। लाल किले पर खालसा पंथ का झंडा नहीं था, पहले तिरंगा झंडा था उसके नीचे किसान यूनियन और खालसा का झंडा था।

दिल्ली पुलिस ने डकैती की धाराओं में दर्ज किया है केस।

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुए बवाल के बाद आज दिल्ली पुलिस ने दस धाराओ में केस दर्ज किया है। इनमें डकैती की धाराएं भी हैं। दिल्ली पुलिस ने IPC Sec 395 (डकैती), 397 (डकैती, या डकैती, मौत या शिकायत पर चोट पहुंचाने की कोशिश), 120 b (आपराधिक साजिश की सजा) और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने मामले में 22 एफआईआर दर्ज की हैं।

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