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251 रुपये में मोबाइल फोन बेचने वाला अब कर रहा ड्राई फ्रूट घोटाला, 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी को दे चूका है अंजाम

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आज नॉएडा के थाना सेक्टर 58 पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है । दरअसल पुलिस ने नकली कंपनी बना कर व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें, यह गैंग अब तक 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है। मामले में कई आरोपी अभी भी फरार हैं।

पुलिस ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है वो साल 2017 में फ्रीडम 251 रिंगिंग बेल्स घोटाले का कथित मास्टरमांइड मोहित गोयल ही है। इस सफलता के बाद पुलिस ने बताया कि गिरोह कथित तौर पर ज्यादा दाम लगाकर थोक विक्राताओं से ड्राई फ्रूट और मसाले खरीदता था। मगर उसके बाद भुगतान नहीं करता था। इसके बाद गिरोह इस माल को खुले बाजार में बेचता था। बता दे इस मामले में संदिग्धों की पहचान नोएडा सेक्टर 50 निवासी मोहित गोयल और राजस्थान निवासी ओमप्रकाश जांगिड़ के रूप में हुई है।

साल 2017 में फ्रीडम 251 रिंगिंग बेल्स घोटाले मामले का है आरोपी।

पुलिस के अनुसार मोहित गोयल साल 2017 में हुए घोटाले का मास्टरमांइड है, जिसमें पीड़ितों को 251 रुपये में स्मार्टफोन देने की पेशकश की गई थी। गोयल को फरवरी 2017 में उन्हें ऑर्डर देने वाली कंपनी की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। ये वही घोटाला है जिसमे सबसे सस्ते स्मार्टफोन के प्री-आर्डर के चलते साल 2016 में कंपनी की वेबसाइट क्रैश हो गई थी।

कैसे करते थे ठगी।

लॉ एंड ऑर्डर ज्वाइंट कमिश्नर लव कुमार के मुताबिक मामले में जांच की गई है और पाया गया कि संदिग्ध नोएडा सेक्टर-62 में दुबई ड्राई फ्रुट्स के नाम से ऑफिस चला रहे थे। इन लोगों ने कोरेंथम बिल्डिंग में दुबई ड्राई फ्रूट्स नाम से एक फर्जी कंपनी खोल रखी थी। फिर लोगों ने ड्राई फ्रूट और मसाले खरीदने के लिए थोक विक्रेताओं को बाजार मूल्य से ऊंची दामों की पेशकश की।

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शुरू में भरोसा कायम करने के लिए उन्होंने विक्रेताओं को ठीक प्रकार से भुगतान किया। लेकिन उसके बाद विक्रेताओं को 30 से 40 प्रतिशत एडवांस भुगतान कर बाकि राशि का पोस्ट डेटेड चेक देना शुरू कर दिया। जो बाद में बाउंस हो जाता था।

आधी रकम देते बाकी के आधी रकम लेके के हो जाते थे रफ्फूचक्कर।

आरोपी नई नई कंपनियां बना के व्यापारियों से करोड़ों के ड्राई फ्रूट्स, मसाले खरीदते आधी रकम देते बाकी के आधी रकम लेके के रफ्फूचक्कर हो जाते थे और माल को बाजार में नगद बेच देते थे। फिर नई कंपनी बना के दोबारा काम शुरू कर देते थे।

ठगी के शिकार लोगों की गिनती तक नहीं।

इस गैंग से ठगी का शिकार हुए करीब 2 दर्जन लोग इनके पकड़े जाने की सूचना पर सेक्टर 14 ए में बने एडीसीपी आफिस पहुंचे। इस गैंग का शिकार अभी कितने लोग हुए है ये गिनती अभी पुलिस के पास भी नही है। पीड़ितों के मुताबिक करीब 100 से ज्यादा लोगो को इस गैंग ने चूना लगाया है।

अभी तक कर चुके है 100 करोड़ से ज़्यादा ठगी।

पुलिस के मुताबिक संदिग्धों ने कथित रूप से देश भर में 500 से अधिक लोगों के साथ इस प्रकार ठगी की है। संदिग्धों के खिलाफ अब तक ऐसे दो दर्जन मामले सामने आए हैं, जबकि अधिक मामलों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि संदिग्धों ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी लोगों को ठगा है।

इतनी बड़ी धनराशि को कहाँ करते थे निवेश।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों ने कथित तौर पर अपनी कानूनी टीम के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि रखी हुई है, जिसमें हाईकोर्ट के वकील भी शामिल हैं। ये टीम हर बार उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद हरकत में आ जाती है। इसके अलावा पुलिस के अनुसार गोयल और उनकी पत्नी ने एक वर्चुअल रियलिटी गेम कंपनी में ठगी से कमाए 10 करोड़ रुपये निवेश किए हुए हैं। इनके पास से तीन फोन, 60 किलो ड्राई फ्रूट्स, एक ऑडी कार, एक इनोवा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

अब फिलहाल संदिग्धों को एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां छह वकीलों की टीम ने आरोपियों के तर्क रखे। हालांकि अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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