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फैक्ट चेक : बंगाल में हुए हिंसक विरोध की इस तस्वीर का जानें सच

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एक व्यक्ति द्वारा एक पुलिसकर्मी को पीटे जाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ साझा की जा रही है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में एक भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिसकर्मी की पिटाई की।

फेसबुक के कैप्शन में लिखा है- “बंगाल में बीजेपी के गुंडे एक बुजुर्ग पुलिस वाले की सहायता करते हैं”

अंग्रेजी में कैप्शन में लिखा है – (Translation: BJP goons in Bengal helping an elderly policeman)

यही पिक्चर हमे ट्विटर पर भी मिली।

फैक्ट चेक :

न्यूज़मोबाइल ने उपरोक्त पोस्ट की जाँच की और पाया कि ये गलत और भ्रामक है।

तस्वीर को Google Reverse Image Search के माध्यम से डालने पर, हमने 21 जून, 2017 को The Sun द्वारा एक समाचार लेख में यही तस्वीर यानी पिक्चर मिली, जिसमें दावा किया गया कि यह चित्र कानपुर का है जहाँ एक पुलिसकर्मी पर भीड़ द्वारा हमला किया गया था।

चित्र वर्णन में लिखा है, “कानपुर में अशांति के दौरान एक उग्र प्रदर्शनकारी ने एक पुलिसकर्मी पर हमला किया।”

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इसके अलावा, हमने 21 जून, 2017 को डेली मेल पर एक अन्य लेख भी मिला, जिसमें दावा किया गया था कि एक अस्पताल में एक किशोरी द्वारा कथित रूप से बलात्कार के बाद गुस्साई भीड़ ने एक पुलिसकर्मी पर ड्यूटी के दौरान हमला किया था।

23 जून 2017 को नईदुनिया द्वारा एक अन्य समाचार लेख में विभिन्न एंगल से भी आप ये तस्वीर देख सकते है।

इसके अलावा, हमने न्यूज स्टेट द्वारा YouTube पर 17 जून, 2017 को एक समाचार रिपोर्ट भी मिली, जिसमें दावा किया गया था कि कानपुर में एक बलात्कार के मामले में एक उग्र भीड़ ने एक पुलिसकर्मी की पिटाई की थी।

YouTube के विवरण में लिखा गया था कि, “एक पुलिसकर्मी को गुसाई भीड़ ने उस वक़्त पीट दिया था जब एक वार्ड बॉय द्वारा एक छात्र का बलात्कार किया गया था और भीड़ उसे (पुलिसकर्मी) को वहां से हटाने का प्रयास कर रही थी।

इसलिए, हम ये दावा कर सकते हैं कि एक पुलिसकर्मी की भीड़ द्वारा पिटाई की गई तस्वीर बंगाल से नहीं है। सच्चाई यह है कि यह कानपुर की एक पुरानी तस्वीर है।

यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 88268 00707 पर व्हाट्सएप करें।