Hindi Newsportal

जानें कौन है डॉ स्वाति मोहन, जिन्होंने मंगल के सबसे खतरनाक मिशन पर NASA को दिलाई है कामयाबी

In Picture - Dr Swati Mohan
0 159

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की ओर से भेजा गया रोवर ‘पर्सविरन्स’ मंगल ग्रह पर सफलतापूर्वक उतर चुका है। नासा के मंगल ग्रह पर भेजे गए रोवर परसिवरेंस की इस सफलता के पीछे पूरी दुनिया खुश थी लेकिन इस ख़ुशी में भारतीयों की ख़ुशी का ठिकाना ही अलग था। दरअसल ऐसा इसीलिए था क्युकी इस मिशन में जिन सब का हाथ था उनमें एक स्‍वाति मोहन भी हैं। स्‍वाति मोहन नासा की जेट प्रपल्‍शन लैब में इस प्रोग्राम की नेवीगेशन गाइडेंस और कंट्रोल ऑपरेशन (GNC) की हैड हैं। नासा का रोवर इसी लैब में तैयार किया गया है।

बता दे नासा के इस मिशन में रोवर परसिवरेंस के साथ एक मिनी हैलीकॉप्‍टर इनज्‍यूनिटी भी सफलतापूर्वक मंगल ग्रह पर पहुंच गया है। इसके मनगल गृह पर पहुंचने के साथ ही ये पल पूरी टीम के लिए गौरव का पल है। स्‍वाति की बात करें तो वो इसकी टीम से बीते आठ वर्षों से जुड़ी हैं। इस मिशन की बात करे तो जब सारी दुनिया इस ऐतिहासिक लैंडिग को देख रही थी तो उस दौरान कंट्रोल रूम में बिंदी लगाए स्वाति मोहन जीएन एंड सी सबसिस्टम और पूरी प्रोजेक्ट टीम के साथ कॉरडिनेट कर रही थीं।

क्यों ऐतिहासिक है NASA का ये मिशन?

NASA का ये मिशन इसीलिए भी ऐतिहासिक है क्युकी NASA द्वारा मंगल पर उतारे गए इस रोवर में दो माइक्रोफोन के साथ 25 कैमरा हैं। 6 पहिए वाला यह रोवर अपनी 7 फीट की आर्म का इस्तेमाल कर चट्टानों के सैंपल और बाकी जानकारी जुटाएगा, जिनसे इस तरह के सवालों के जवाब मिल सकते हैं कि क्या कभी मंगल ग्रह पर जीवन था ?

ये भी पढ़े : जम्मू कश्मीर : शोपियां एनकाउंटर में तीन आतंकी ढेर, बडगाम में एक SPO शहीद, सर्च ऑपरेशन अब भी जारी

एक साल की उम्र में जा बसी थी अमेरिका।

स्वाति एक साल की उम्र में भारत से अमेरिका में जा बसीं थी। जिसके बाद उन्होंने मैसेच्यूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से ऐरोनॉटिक्स/ऐस्ट्रोनॉटिक्स में Ph.D की है। वह मंगल से पहले शनि के Cassini और चांद के GRAIL मिशन के लिए काम कर चुकी हैं। Perseverance मिशन के साथ वह साल 2013 से जुड़ी हैं।

इस प्रोजेक्ट में स्वाति की भागीदारी।

स्वाति मार्स 2020 गाइडेंस, नैविगेशन ऐंड कंट्रोल्स ऑपरेशन लीड हैं। उन्होंने मंगल 2020 के ऐटिट्यूट कंट्रोल सिस्टम को लीड किया है और पूरे मिशन डिवेलपमेंट क दौरान वह लीड सिस्टम्स इंजिनियर थीं। ऐटिट्यूट कंट्रोल सिस्टम वीइकल को यह समझने के लिए तैयार करता है कि उसे क्या करना है। इसका साथ ही स्पेस में स्पेसक्राफ्ट की स्थित को तय करता है। मंगल पर एंट्री, डिसेंट और लैंडिंग के दौरान उनके सुपरविजन में स्पेसक्राफ्ट की पोजिशन तय की गई और सेफ लैंडिंग के लिए कमांड दिए गए।

देखें स्वाति की लाइव कॉमेंट्री।

Click here for Latest News updates and viral videos on our AI-powered smart news

For viral videos and Latest trends subscribe to NewsMobile YouTube Channel and Follow us on Instagram